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Gurugram : नशीले पदार्थों की तस्करी का हब बनती जा रही है साइबर सिटी, कूरियर बन रहा माध्यम

Fri, 03 Nov 2023 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा मयंक तिवारी, गुरुग्राम

सार

चार दिन पूर्व कूरियर के माध्यम से दवा का सैंपल बताकर बिहार भेजी जा रही शराब का मामला भले ही अपने आप में नई बात हो, मगर इससे पहले इसी कूरियर के माध्यम से खानपान के डिब्बों में अफीम तक भेजे जाने का मामला सामने आ चुका है। 
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demo pic... - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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साइबर सिटी नशीले पदार्थ देश व प्रदेश में भेजने का हब बनता जा रहा है। चार दिन पूर्व कूरियर के माध्यम से दवा का सैंपल बताकर बिहार भेजी जा रही शराब का मामला भले ही अपने आप में नई बात हो, मगर इससे पहले इसी कूरियर के माध्यम से खानपान के डिब्बों में अफीम तक भेजे जाने का मामला सामने आ चुका है। 

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पंजाब व चंडीगढ़ से विदेश भेजे जाने वाले कुरियर में लगातार अफीम मिलने के बाद अब नशीले पदार्थ की तस्करी देश के अन्य राज्यों में हो रही है। जिस प्रदेश में शराब पर पाबंदी है वहां पर दवा के नाम पर शराब के पैकेट कुरियर से बुक कराकर भेजे जा रहे हैं।

पुलिस की नजर से बचने के लिए नशा तस्कर कूरियर कंपनियों के माध्यम से ब्रिटेन, लंदन, कनाडा, व अन्य देशों में नशीले  पदार्थ की तस्करी हो रही है। इसी साल दो माह के भीतर उद्योग विहार थाना क्षेत्र में स्थित डीएलएचएल कूरियर कंपनी में पांच किलों के लगभग अफीम बरामद कर चुकी है। 
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कूरियर कंपनी प्रबंधन की शिकायत पर उद्योग विहार थाना पुलिस एनडीपीए एक्ट के तहत मामला तो दर्ज कर लेती है, मगर नशीले पदार्थ के तस्करों तक पहुंच नहीं पाती है।

तस्कर कूरियर के माध्यम से ऐसा सामान बुक करा कर विदेश भेजते हैं, जिसमें खाने-पीने को सामान होता है। उन्हीं पैकेट में वह नशीला पदार्थ पैक कर देते हैं। उद्योग विहार स्थित अमेरिका कुरियर कंपनी की ओर से इस इसी साल अब तक पांच बार ऐसे पैकेट पकड़े जा चुके हैं, जिसमें अफीम मिली है। यह अफीम कभी क्रीम तो कभी टूथपेस्ट और कभी च्यवनप्राश के डिब्बे में से छिपाकर भेजी जा रही थी। कूरियर कंपनी की जांच करने वाली मशीन की पकड़ में आने के बाद पुलिस में यह मामले दर्ज कराए गए।

होटल, ढाबे और रेस्तरां पर है पैनी नजर
नारकोटिक्स विभाग के डीएसपी अनिल कुमार कहते हैें कि उनकी टीम नशीले पदार्थ की तस्करी करने वालों पर शिकंजा कस रही है। मुख्यालय की ओर से उनके पास एक डॉग स्क्वायड को रखा गया है। जो किसी भी रेड में साथ होता है। उसकी मदद से ढाबे या अन्य जगह छिपाकर रखे गए नशीले पदार्थ को बरामद करने में आसानी होती है।

हाईड्रोलिक जैक व च्यवनप्राश के डिब्बे का भी इस्तेमाल

  • 25 जुलाई को अफीम अमेरिका भेजने का मामला सामने आया था, हाईड्रोलिक जैक के डिब्बे में 65 ग्राम अफीम रखी हुई थी। जांच में पता चला कि करनाल के रहने वाले शक्ति सिंह ने यह पैकेट अमेरिका के लिए बुक कराया था। 
  • 27 मई को कूरियर के माध्यम से अमेरिका और कनाडा भेजा जा रहा च्वयनप्राश के डिब्बे में अफीम मिली थी। इस कोरियर को भी पंजाब के एक व्यक्ति द्वारा बुक कराया गया था।
  • चार जूतों के सोल में छिपाकर 310 ग्राम अफीम पकड़ी जा चुकी है। जिस पैकेट में इसे रखा गया था उसमें एक तौलिया, टी शर्ट, दो जींस, एक पैंट के साथ ही अन्य सामान रखा था। कोरियर कंपनी के सुरक्षा अधिकारी की ओर से यह मामला दर्ज कराया गया है।
  • 29 अक्तूबर को बिलासपुर थाने में कोरियर कंपनी से दवा के नाम पर शराब बिहार भेजने का मामला दर्ज हुआ है। 

गुरुग्राम में नारकोटिक्स के पुलिस अधीक्षक की हुई तैनाती
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में नशे का कारोबार इस कदर फैल रहा है कि पुलिस विभाग की ओर से नारकोटिक्स विंग को और मजबूत किया गया है। पहले यहां पर डीएसपी रैक का अधिकारी होता था । तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए यहां पर अनिल कुमार को नारकोटिक्स का एसपी बनाया गया है। सेक्टर-43 के पास यह कार्यालय बनाया गया है। 

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