साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई की है। फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। साइबर सेल ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। 18 आरोपियों में अधिकांश महिलाएं ही शामिल हैं।
उत्तरी जिला साइबर सेल ने चीनी एप के जरिए कम ब्याज और बिना केवाईसी के लोन देने के बहाने मोबाइल का निजी डाटा चुराकर ठगी करने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। गैंग के ईस्ट ऑफ कैलाश में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर यहां से 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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वहीं मौके से 54 कंप्यूटर, 19 मोबाइल फोन सहित अन्य सामान बरामद किया है। वहीं मुख्य आरोपी मोहसिन खान अभी फरार है। दरअसल मजनू का टीला इलाके में रहने वाले एक शख्स ने साइबर सेल में शिकायत कर बताया कि 25 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक महिला का फोन आया।
महिला ने धमकी देते हुए कहा कि आपकी बेटी ने 3500 रुपये का कर्ज लिया है। इसे तत्काल लिंक के जरिए भुगतान करें नहीं तो आपकी बेटी की नग्न फोटो वायरल कर दी जाएगी। उसके बाद आरोपियों ने पीड़ित की बेटी की फोटो को अश्लील बनाकर उनके वाट्सएप पर भेजा।
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निरीक्षक संदीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस ने कॉल डिटेल की जांच कर संगम विहार इलाके में छापेमारी कर आरोपी महिला रेणु को पकड़ लिया। इससे पूछताछ के बाद पुलिस ने ईस्ट आफ कैलाश इलाके में एक कॉल सेंटर पर छापा मारा।
वहां पर 50 लोग काम करते मिले, जिसमें रेणु सहित 18 लोग ही चीनी लोन एप से जुड़े हुए थे, बाकी एक नामी वित्तीय संस्था के लिए काम कर रहे थे। इन 18 आरोपियों को पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें टीम को लीड कर रहा अमित भी शामिल है।
नामी वित्तीय संस्था से जुड़ा है अमित
वहीं 18 आरोपियों में मनीषा मोर्या, पूजा कुमारी, विवेक, वर्षा कुमारी, पिंकी वर्मा, दशरथ कुमार सहित अधिकांश महिला ही शामिल हैं। जांच में पता चला है कि गैंग का सरगना मोहसिन खान एक नामी वित्तीय संस्था से जुड़ा है। वह इसी संस्था के कॉल सेंटर की आड़ में चीनी लोन एप के लिए भी अवैध कॉल सेंटर चला रहा था।
अमित ने पूछताछ में बताया कि वह और मोहसिन पहले विभिन्न फाइनेंस कंपनियों के कॉल सेंटर में काम कर चुके हैं। अधिक रुपये कमाने के चक्कर में दोनों ने चाइनीज लोन रिकवरी एप के लिए कॉल सेंटर खोल लिया।