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कांस्टेबल बेटे का शव देख रो पड़ी मां, बोली- मेरा बेटा नहीं कर सकता खुदकुशी

Sat, 27 Oct 2018 11:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मुरादनगर
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CRPF constable dies - फोटो : amar ujala
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मध्य प्रदेश के नीमच में सीआरपीएफ के कांस्टेबल पंकज चौधरी की संदिग्ध हालात में मौत के बाद शुक्रवार रात शव उसके गांव मिल्क रावली पहुंचा। परिजनों और ग्रामीणों ने पंकज की हत्या किए जाने का आरोप लगाकर शव स्वीकार करने से मना कर दिया। पंकज की मां महिलाओं के साथ गांव के गेट पर ही सड़क पर बैठ गई।

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उन्होंने बेटे का दोबारा पोस्टमार्टम कराने और शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग कर डीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। आक्रोशित लोगों ने देर रात तक शव को गांव में नहीं जाने दिया। वे डीएम या अन्य उच्चाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। हंगामे के आसार को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था।

मूलरूप से मिल्क रावली गांव निवासी पंकज सिंह (35) की 24 अक्टूबर की रात मध्य प्रदेश के नीमच में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। सीआरपीएफ कमांड ने परिजनों को सूचना दी थी कि पंकज ने खुदकुशी कर ली है। शुक्रवार शाम शव आने से पहले सैकड़ों ग्रामीण थाने में जमा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। 

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पंकज की एक अधिकारी से कहासुनी हो गई थी

सूचना पर तहसीलदार राजबहादूर सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। मृतक के भाई खुशवंत ने डीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। जिसमें लिखा है कि मेरे भाई की नीमच में दो साल पूर्व पोस्टिंग हुई थी। उस दौरान पंकज की एक अधिकारी से कहासुनी हो गई थी। जिसकी जांच पंकज सिंह के पक्ष में हुई थी। खुशवंत ने बताया कि आशंका है कि पंकज की हत्या कर उसे खुदकुशी का रूप दिया गया है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 

ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा गांव के बाहर रोका सीआरपीएफ का ट्रक
कांस्टेबल पंकज सिंह का शव गांव के बाहर पहुंचा तो ग्रामीणों ने सीआरपीएफ के ट्रक को रोककर हंगामा शुरू कर दिया। सैकड़ों ग्रामीण दो घंटे तक रावली रोड पर बैठे रहे। मां सतेंद्री भी महिलाओं के साथ गांव के गेट पर सड़क पर बैठ गई। सपा नेता विकास यादव वहां बैठे थे।

मां सतेंद्री ने कहा कि मेरा बेटा खुदकुशी नहीं कर सकता, उसकी हत्या हुई है। मृतक के ताऊ राजेंद्र सिंह और ग्रामीणों ने मांग की है कि पंकज सिंह को शहीद का दर्जा दिया जाए, मामले में रिपोर्ट दर्ज कर दोबारा पोस्टमार्टम हो। मृतक के परिवार को सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधा दी जाए।

मौके पर पहुंचे सीआरपीएफ के एसपी नितिन पूनिया ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक करीब तीन घंटे से जाम लगा था और लोग सड़क पर बैठे थे। ग्रामीणों और पुलिस के बीच वार्ता जारी थी। मौके पर निवाड़ी, भोजपुर, मुरादनगर, मोदीनगर थाने की फोर्स तैनात रही।
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