सूचना पर तहसीलदार राजबहादूर सिंह पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। मृतक के भाई खुशवंत ने डीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। जिसमें लिखा है कि मेरे भाई की नीमच में दो साल पूर्व पोस्टिंग हुई थी। उस दौरान पंकज की एक अधिकारी से कहासुनी हो गई थी। जिसकी जांच पंकज सिंह के पक्ष में हुई थी। खुशवंत ने बताया कि आशंका है कि पंकज की हत्या कर उसे खुदकुशी का रूप दिया गया है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ट्रैक्टर-ट्रॉली लगा गांव के बाहर रोका सीआरपीएफ का ट्रक
कांस्टेबल पंकज सिंह का शव गांव के बाहर पहुंचा तो ग्रामीणों ने सीआरपीएफ के ट्रक को रोककर हंगामा शुरू कर दिया। सैकड़ों ग्रामीण दो घंटे तक रावली रोड पर बैठे रहे। मां सतेंद्री भी महिलाओं के साथ गांव के गेट पर सड़क पर बैठ गई। सपा नेता विकास यादव वहां बैठे थे।
मां सतेंद्री ने कहा कि मेरा बेटा खुदकुशी नहीं कर सकता, उसकी हत्या हुई है। मृतक के ताऊ राजेंद्र सिंह और ग्रामीणों ने मांग की है कि पंकज सिंह को शहीद का दर्जा दिया जाए, मामले में रिपोर्ट दर्ज कर दोबारा पोस्टमार्टम हो। मृतक के परिवार को सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधा दी जाए।
मौके पर पहुंचे सीआरपीएफ के एसपी नितिन पूनिया ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक करीब तीन घंटे से जाम लगा था और लोग सड़क पर बैठे थे। ग्रामीणों और पुलिस के बीच वार्ता जारी थी। मौके पर निवाड़ी, भोजपुर, मुरादनगर, मोदीनगर थाने की फोर्स तैनात रही।