हेलीकॉप्टर दिलवाने का झांसा देकर इंडियन एयरफोर्स के रिटायर्ड अधिकारी से करोड़ों की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कंपनी व उसके दो डायरेक्टर ने पूर्व अधिकारी को पहले कंपनी में पार्टनर बनवाया और फिर हेलीकॉप्टर खरीद का सौदा किया।
अधिकारी के 80 फीसदी कीमत चुकाने के बाद आरोपियों ने उसे कंपनी से बेदखल कर दिया और हेलीकॉप्टर सौदा रद्द करवाकर पैसे वापस ले लिए। अधिकारी को न ही हेलीकॉप्टर मिला और न ही पैसे मिले। इसके बाद पीड़ित अधिकारी ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत की। शाखा ने अमानत में ख्यानत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक द्वारका निवासी सतीश पठानिया ने आर्थिक अपराध में शिकायत दी है। जिसमें कहा गया है कि सतीश एयरफोर्स में एयर सार्जेंट से सेवानिवृत हुए थे। उनको एविएशन इंडस्ट्री के बारे में जानकारी था। वर्ष 2018 के अगस्त माह में एक एविएशन कंपनी के दो डायरेक्टर ने उनसे संपर्क किया। दोनों ने सतीश को बिजनेस पार्टनर बनने के लिए कहा।
आरोपियों ने सतीश को बताया कि बेगलुरु में डेब्ट रिकवरी टर्मिनल(बीआरटी) किंगफिशर कंपनी के दो हेलीकॉप्टर नीलाम कर रही है। उन्होंने झांसा दिया कि हेलीकॉप्टर के कारोबार में अच्छा मुनाफा है। सतीश उनकी बातों में आ गए और कंपनी की तरफ से हेलीकॉप्टर खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
पहले तीनों पार्टनरों को पैसे देने की बात हुई लेकिन बाद में दोनों ने पैसे नहीं होने की बात कही। सतीश ने पार्टनरों का भरोसा कर सवा दो करोड़ रुपये बीआरटी को दे दिए। सतीश के पास भी पैसे खत्म हो चुके थे। आरोपियों ने सतीश के पार्टनरशिप से निकाल दिया और दूसरी तरह बीआरटी से सौदा रद्द करने के लिए कहा।
बीआरटी ने पांच लाख का जुर्माना लेकर सौदा रद्द कर दिया और सतीश के पैसे आरोपियों को वापस कर दिया। उधर सतीश आरोपियों पर पैसे वापस करवाने का दवाब बनाया तो आरोपियों ने कहा कि सौदा रद्द होने की वजह से उनके पैसे जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस शिकायत के बाद मामले की जांच में जुट गई है।