दिल्ली सरकार अनधिकृत कॉलोनियों के सेप्टिक टैंकों के सफाई कार्य को नियमित करने जा रही है। दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सेप्टिक टैंक सफाई योजना को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत सरकार ऑन डिमांड सफाई कर्मी मुहैया कराएगी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार मिशन मोड में अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर डालने का काम कर रही है। कॉलोनियों में बड़ी संख्या में लाइन डाल दी गई है, जबकि अगले एक साल में बची कॉलोनियों में सीवर लाइन पड़ जाएगी। सरकार की योजना सभी कॉलोनियों में सीवर डालने की है।
केजरीवाल के मुताबिक, जिन कॉलोनियों में सीवर लाइन नहीं पड़ी है, वहां लोगों ने सेप्टिक टैंक बनवा रखा है। इसकी सफाई के लिए बिना लाइसेंस के लोग काम कर रहे हैं। वह मजदूरों को बगैर सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतार देते हैं। इससे कई बार मजदूरों की जान पर बन आती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे निजात दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सेप्टिक टैंक सफाई योजना तैयार की गई है। एक माह के भीतर टेंडर आदि प्रक्रिया पूरी कर न्यूनतम 80 ट्रक रखने वाली कंपनी को पूरी दिल्ली की सेप्टिक टैंक की सफाई का ठेका दिया जाएगा।
सरकार एक नंबर जारी करेगी। इस नंबर पर फोन करके दिल्लीवासी अपने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए कर्मी बुलवा सकेंगे। कंपनी सारी गंदगी एसटीपी प्लांट में पहुंचा देगी। केजरीवाल ने बताया कि इससे न सिर्फ लोगों को लीगल फ्रेमवर्क में सुविधा मिल जाएगी, बल्कि यमुना नदी की सफाई की दिशा में भी बड़ा कदम होगा। इसके अलावा मजदूरों की जान भी बचेगी। एक माह में यह सुविधा शुरू हो जाएगी।
अभी सिर्फ 430 कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क
जल बोर्ड का कहना है कि अभी दिल्ली की 430 कॉलोनियों में सीवर लाइन पड़ी हुई है। वहीं, 400 में काम चल रहा है। एक साल में काम पूरा हो जाएगा। मुख्यमंत्री सीवर सफाई योजना सेप्टिक टैंक की सफाई की समस्या का समाधान देगी।