मेरठ से 25 लाख लूटकर भागे बदमाशों ने पुलिस को मुठभेड़ से पहले खूब छकाया। मुठभेड़ के दौरान खेत में घिरने के बाद दो बदमाश घायल हो गए तीसरे ने सरेंडर कर दिया।
मगर चौथा बदमाश चकमा दे गया। उसने अपनी जैकेट गन्ने पर टांग दी और पुलिस बदमाश समझकर जैकेट पर ही गोलियां बरसाती रही जबकि वह फरार हो चुका था। जब काफी देर तक कोई हरकत न हुई तो पुलिस अंदर घुसी तो देखा बदमाश गायब था।
इससे पहले पुलिस और बदमाशों के बीच निवाड़ी थाना क्षेत्र के नगला मूसा गांव स्थित ईख के खेत में करीब साढ़े तीन घंटे मुठभेड़ चली। सिपाही को गोली लगने की सूचना पर भारी संख्या में पहुंची मेरठ और गाजियाबाद पुलिस ने चारों ओर से खेत घेर लिया था। पूरे ऑपरेशन के दौरान एएसपी मीनाक्षी भी फोर्स के साथ रहीं।
बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर बदमाशों की तलाश शुरू की गई
इसी बीच ग्रामीण भी बहादुरी दिखाते हुए गांव के हर रास्ते पर लाठी-डंडों के साथ एकत्र हो गए। ईख के भरे खेत में कांबिग के लिए पुलिस ने ट्रैक्टर का सहारा लिया।
चौकीदार शीशपाल के बेटे दीपक ने बहादुरी का परिचय देते हुए ट्रैक्टर का चालक बनना स्वीकार किया। उसे बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर बदमाशों की तलाश शुरू की गई। इस दौरान बदमाशों एवं पुलिस के बीच करीब 30 राउंड गोलियां चलीं।
खरखौदा एसओ ने बताया कि लूट सुबह करीब 9.45 पर हुई। पीड़ित व्यापारी आसमोहम्मद के पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने के बाद गाजियाबाद और मेरठ पुलिस सक्रिय हो गई।
सूचना प्रसारित करते हुए मोदीनगर की ओर जिप्सी दौड़ा दी
मोहिउद्दीनपुर रेलवे फाटक के पास एसओ खरखौदा को लोगों ने बताया कि सफेद रंग की स्विफ्ट कार मोदीनगर की ओर गई है। एसओ ने वायरलेस पर सूचना प्रसारित करते हुए मोदीनगर की ओर जिप्सी दौड़ा दी।
वायरलेस पर सूचना मिलते ही मोदीनगर कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा भी अलर्ट हो गए। पुलिस ने महेंद्रपुरी गेट के सामने बैरिकेडिंग कर चेकिंग शुरू कर दी। बदमाशों की कार सतीश पार्क गेट पर थी।
बदमाशों ने यू-टर्न लेते हुए मेरठ की ओर दौड़ा दी और गोविंदपुरी कालोनी से होते हुए सारा गांव की रोड पर पहुंच गए। इसकी सूचना लोगों के द्वारा पुलिस को मिल गई।