आरोपी लक्ष्य उर्फ जंगली ने खुलासा किया कि फरवरी 2024 में, उसने विशाल उर्फ लाला, रवि उर्फ दोस्त, लोकेश उर्फ लोकी, ललित और अजय के साथ मिलकर नरेला के व्यापारी को लूटने की साजिश रची। आरोपी पहले भी यह वारदात कर चुका है। 16 फरवरी को लोकेश उर्फ लोकी ने शिकायतकर्ता द्वारा एक्सिस बैंक से मोटी रकम निकाले जाने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद वह विशाल उर्फ लाला और रवि उर्फ दोस्त के साथ रवि उर्फ दोस्त द्वारा फर्जी नंबर प्लेट लगाकर अपाचे बाइक पर एक्सिस बैंक के सामने पहुंचे। आरोपी ने विशाल उर्फ लाला और रवि उर्फ दोस्त के साथ मिलकर शिकायतकर्ता से नकदी लूट ली। विरोध करने पर आरोपियों ने पीडि़त पर गोलियां चला दीं। इसके बाद बदमाशों ने लूटी गई रकम को आपस में बांट लिया।
11 वीं तक पढ़ाई करने वाला लक्ष्य गुलफाम नामक व्यक्ति के संपर्क में आया। वह अपहरण के मामले में वह 2018 में बागपत जेल में बंद था। इसके बाद, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 2018 में बागपत जेल में एक हत्या की। जमानत पर रिहा होने के बाद, उसने संदीप निवासी सैदपुर की हत्या कर दी और 2019 में सोनीपत जेल में बंद हो गया। अपने दोस्त अर्चित के पिता की हत्या का बदला लेने के लिए वह अपने गांव गया और फिर सोनीपत जेल गया। वहा वह अंकित उर्फ माया निवासी कामी, सोनीपत (हरियाणा) के संपर्क में आया। सोनीपत जेल से छूटने के बाद दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के थाना अलीपुर इलाके में दिनदहाड़े 16 लाख की सनसनीखेज डकैती को अंजाम दिया। वह अप्रैल 2023 में जेल से बाहर आया। इसके बाद, उसने अपने साथियों रवि उर्फ दोस्त, विशाल उर्फ लाला और लोकेश उर्फ लोकी के साथ 16 फरवरी को 81 लाख रुपये लूटने की वारदात को अंजाम दिया।