फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियन की हत्या के मामले में वांछित घोषित बदमाश गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
-हत्या के मामले में आठ महीने से गिरफ्तारी से बच रहा आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन

-गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपने साथियों की मदद से अलग-अलग राज्यों में लगातार ठिकाने बदलता रहता था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने राष्ट्रीय स्तर का मुक्केबाजी चैंपियन विकास डागर उर्फ भिंडा की हत्या करने वाले आरोपी अपराधी सुमित राणा उर्फ छोटू (38) को आदर्श नगर से गिरफ्तार किया है। ये आठ महीनों से अधिक समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। राणा सोनू गिरोह का सदस्य है। इस गिरोह को ठेकेदार गिरोह नाम से भी जाना जाता है। बाबा हरिदास नगर थाने में 30 जुलाई, 2025 को केस दर्ज किया गया था।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के चैंपियन और नजफगढ़ के नांगली सकरावती के निवासी विकास भिंडा की 29 जुलाई, 2025 को पुरानी दुश्मनी के चलते साजिश रचकर हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि बाबा हरिदास नगर इलाके में विकास पर हुए इस हमले में चार आरोपी विकास दहिया उर्फ सोनू ठेकेदार, आकाश गहलोत, कृष्ण और सुमित राणा शामिल थे। आरोपी सोनू ने मुक्केबाज पर गोली चलाई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
विज्ञापन

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जांच के दौरान आकाश को स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में 18 अक्टूबर, 2025 को दिल्ली की एक अदालत ने फरार आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इस साल 12 अप्रैल को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरोह के सरगना सोनू ठेकेदार को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस को पता चला कि राणा पंजाब के जिरकपुर में है लेकिन पुलिस के छापा मारने से पहले ही वह वहां से भाग निकला। फिर एक गुप्त सूचना मिली और इंस्पेक्टर योगेश व विनोद यादव की टीम ने राणा को दिल्ली के आदर्श नगर में गिरफ्तार कर लिया। राणा ने साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है और पुलिस को बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अपने साथियों की मदद से अलग-अलग राज्यों में लगातार ठिकाने बदलता रहता था।
विज्ञापन

-
होटल मैनेजमेंट डिप्लोमा होल्डर है-
उपायुक्त पंकज कुमार ने बताया कि राणा होटल मैनेजमेंट में डिप्लोमा धारक है और उसने 2016 से 2021 तक मलेशिया में पढ़ाई करने के साथ काम किया। इसके बाद वह दुबई चला गया जहां उसने एक ट्रेडिंग कंपनी शुरू की। पुलिस के मुताबिक वह जुलाई 2025 में दिल्ली लौटा और अपने चचेरे भाई सोनू ठेकेदार के साथ मिलकर इलाके में दबदबा कायम करने और स्थानीय व्यापारियों से जबरन वसूली करने लगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें