राजस्थान के डीग ले जाए जा रहे एक बदमाश को उसके साथियों ने मथुरा के पास बस से, पुलिस कस्टडी से छुड़ा लिया। बदमाशों ने सिपाहियों की तीन राइफलें भी लूट लीं। आरोपी पर गौतमबुद्ध नगर के कासना और सूरजपुर कोतवाली में अपहरण और लूट के कई मामले दर्ज हैं।
एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि मूलत: अलीगढ़ के लोदा निवासी अरुण फौजी पर साल 2012 में ग्रेनो स्थित एक सोसायटी के पास से इंजीनियर के अपहरण का मामला चल रहा है। इसके अलावा कार लूट समेत कई मुकदमे भी दर्ज हैं। इंजीनियर अपहरण कांड में आरोपी को गिरफ्तार किया गया था और उसी समय से अरुण फौजी जेल में बंद था।
सोमवार को अरुण की एक मामले में राजस्थान के डीग अदालत में पेशी थी। गौतमबुद्ध नगर पुलिस लाइन से सिपाही मंजीत, कुलदीप और जसवीर उसे डासना जेल से लेकर राजस्थान के लिए रवाना हो गए। जब सिपाही आरोपी को लेकर मथुरा के पास पहुंचे तो रास्ते में कुछ बदमाश बस में सवार हो गए। जबकि कुछ बदमाश बाइकों और कार से बस के इर्द-गिर्द चल रहे थे।
मथुरा के पास पहुंचने के दौरान बस में सवार बदमाशों ने सिपाहियों पर हमला बोल दिया। बदमाशों ने सिपाहियों से राइफल भी लूट लीं और विरोध करने पर उनको बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। बदमाश 3 राइफल छीनकर फरार हो गए।
उधर, गौतमबुद्धनगर पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि सिपाहियों द्वारा लापरवाही बरतने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल को भी जांचा जाएगा। उसके बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कस्टडी से फरार हुए आरोपी अरुण फौजी के आपराधिक रिकार्ड को खंगाला जा रहा है और उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कई घटनाएं
गौतमबुद्धनगर पुलिस की हिरासत से कैदी फरार होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी साल 2004 में चिटैहड़ा के पास साथियों की मदद से संजय जाट सिपाहियों की राइफल लूटकर फरार हो गया था।
साल 2010 में कासना पुलिस की कस्टडी से जीतू नामक बदमाश फरार हुआ था। बिहार से गिरफ्तार करके लाया जा रहा एक बदमाश एक साल पहले ही पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। जबकि सूरजपुर कोर्ट से एक माह पहले ही एक आरोपी फरार हो गया था।