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महिला ने 12वीं मंजिल से लगाई छलांग, मौत

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वैशाली के सेक्टर-7 स्थित रामप्रस्थ ग्रीन के मैक्स टॉवर की 12वीं मजिल स्थित फ्लैट की बालकनी से वीना (57) ने कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के दौरान फ्लैट में कोई नहीं था।
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पुलिस के अनुसार, महिला डिप्रेशन से पीड़ित थी और दो साल उसका इलाज चल रहा था।

सतीश चंद्र नरूला ने बताया कि वे अंसल ग्रुप से रिटायर होने के बाद मैक्स टावर नंबर-11 के फ्लैट संख्या 1204 में पत्नी वीना(57), बेटे सौरभ और बहू मीनू के साथ रहते हैं। दूसरा बेटा गौरव पुणे की एक कंपनी में कार्यरत है और वहीं रहता है।

बुधवार सुबह आठ बजे वह वीना के साथ पास ही के जीएम पार्क में मॉर्निंग वॉक और योगा के लिए गए थे। घर लौटते समय वीना पार्क में ही खड़ी कुछ महिलाओं से बात करने लगी। इस दौरान सतीश टहलने लगे। कुछ देर बाद जब वे लौटे तो वीना वहां नहीं थी।
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क्या आत्महत्या के पीछे ये है वजह?

जब वह अपार्टमेंट पहुंचे तो वहां काफी भीड़ लगी थी। देखा तो पत्नी वीना मृत अवस्था में पड़ी थीं। लोगों ने बताया कि वह ऊपर से गिरी हैं। फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद होने पर पुलिस ने कुंडी तोड़कर खोला। बालकनी में वह स्टूल रखा मिला, जिसपर चढ़कर वीना कूदी थीं।

एसएचओ राशिद अली के अनुसार, परिजनों ने बताया कि वीना डिप्रेशन की मरीज थीं। करीब दो वर्ष से इलाज चल रहा था। इसके कारण ही उन्हें योगा के लिए ले जाया जाता था। उनके जोड़ों में दर्द था और उम्र के साथ होने वाली अन्य बीमारियां भी थीं। इसी से वे परेशान थीं।

घटना के समय बहू स्कूल में पढ़ाने गई थी और बेटा भी जरूरी काम से निकला था। घर पर अकेला होने पर उन्होंने बालकनी से छलांग लगा दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच जारी है।
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कूदकर जान देने की बढ़ रही घटनाएं

17 जुलाई 2014: बुजुर्ग ने इंदिरापुरम के रीगेलिया हाईट्स के चौथी मंजिल से कूदकर दी जान
14 जनवरी 2014: कौशांबी के उदयगिरी अपार्टमेंट में प्रेम प्रसंग में मेड ने छत से कूदकर दी जान
18 अक्टूबर 2012: वैशाली सेक्टर-4 के भागीरथी टॉवर में नौकरी न मिलने पर एमबीए युवती नौवीं मंजिल से कूदी
07 जून 2012: कौशांबी के कंनचन जंघा टावर में पेइंग गेस्ट रह रही महिला डिप्रेशन में 13वीं मंजिल से कूदी

गगनचुंबी इमारतें बन रही सुसाइड प्वाइंट
मनोचिकित्सक डॉ. रश्मि जोशी ने बताया कि किसी भी परेशानी में पड़े व्यक्ति की मानसिक पीड़ा जब असहनीय हो जाती है तो वह सुसाइड जैसे कदम उठाता है। इस दौरान उसमें बहुत अधिक रोष होता है।

अगर कोई साथी या परिवार का सदस्य उसका मनोबल बढ़ाए तो इस प्रकार के मामले रुक सकते हैं। हालांकि गुस्सा आने पर लोग ऊपर से कूदना बेहद आसान समझते हैं और अपनी जीवन लीला समाप्त कर देते हैं।
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