धार्मिक ट्रस्ट की आड़ में बैंक को 11.71 करोड़ रुपये का चूना लगाने का प्रयास करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में बैंक का कस्टमर सर्विस मैनेजर दयालपुर निवासी बलवंत सिंह भी शामिल है।
अन्य आरोपियों की पहचान शाहदरा निवासी नरेंद्र कुमार, जौहरीपुर निवासी राजेंद्र कुमार, गाजियाबाद निवासी उदित प्रजापति और देवेंद्र कुमार के रूप में हुई है।
आरोपी फर्जी चेक के जरिये कोलकाता के फाइनेंसर के खाते से करोड़ों रुपये निकालने के फिराक में थे। पुलिस पूछताछ कर उनके आपराधिक रिकार्ड को खंगाल रही है।
11.71 करोड़ के दो चेक जारी किए
धोखाधड़ी
- फोटो : अमर उजाला
जिला पुलिस उपायुक्त ऋषिपाल ने बताया कि गत 23 जून को प्रीत विहार स्थित आईसीआईसीआई बैंक की ओर से धोखाधड़ी की शिकायत की गई।
इसमें कहा गया कि धार्मिक ट्रस्ट के लिए 11.71 करोड़ के दो चेक जारी किए गए हैं, जो फर्जी हैं। मामले की छानबीन के बाद पुलिस ने नरेंद्र कुमार को दबोच लिया।
उसने खुलासा किया कि वह अपने सहयोगियों उदित प्रजापति, देवेंद्र और राजेंद्र के साथ मिलकर करोड़पति बनने की साजिश रची। इसमें आईसीआईसीआई प्रीत विहार शाखा में कार्यरत बलवंत को शामिल कर लिया।
शिरडी साईं नाम से एक धार्मिक ट्रस्ट बनाया
- फोटो : demo pic
सभी ने योजनानुसार श्री शिरडी साईं नाम से एक धार्मिक ट्रस्ट बनाया। ट्रस्ट में इन लोगों ने चंदे के रूप में कुछ चेक डाले। बैंक में होने की वजह से बलवंत ऐसे खाते की तलाश में जुट गया, जिसमें करोड़ों की रकम हो।
बलवंत को पता चला कि कोलकाता के एक फाइनेंसर के खाते में करोड़ों की रकम है। उसने फर्जी हस्ताक्षर के जरिये फाइनेंसर का चेक जारी करवा लिया। उसने धार्मिक ट्रस्ट के नाम पर दो चेक जारी किए और उसपर उपभोक्ता का फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। क्लीरेंस के दौरान रकम ज्यादा होने की वजह से बैंक कर्मियों को शक हुआ और जांच पड़ताल में चेक फर्जी निकला।
आरोपियों ने बताया कि मोटी रकम निकालने के बाद ट्रस्ट के अकाउंट को बंद करने की योजना थी। इनके पास से पुलिस को दो फर्जी चेक मिले हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।