दिल्ली के वेस्ट पटेल नगर में बृहस्पतिवार सुबह वीर चक्र से सम्मानित रिटायर्ड मेजर रोहित सेठी (65) की नौकरों ने तकिया से मुंह दबाकर हत्या कर दी। हत्या लूटपाट के इरादे से की गई।
देर शाम पुलिस ने हत्या के मामले में शामिल दो नौकरों व उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर मामला सुलझाने का दावा किया है। नौकरों के पास से नकदी और जेवरात बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार रोहित सेठी अपनी 93 वर्षीय मां कमला देवी के साथ वेस्ट पटेल नगर में रहते थे। उनका बेटा गौरव सेठी अपनी पत्नी और मां के साथ सिंगापुर में रह रहा है।
कमरे में जाने के बाद निकली चीख
रोहित सेठी सेना से मेजर के पद से रिटायर्ड होने के बाद अपने मकान की पहली और दूसरी मंजिल पर पीजी चलाते थे। जबकि ग्राउंड फ्लोर पर अपनी मां, केयरटेकर रवि और एक नौकरानी के साथ रहते थे।
बृहस्पतिवार सुबह रोहित की मां उन्हें आवाज लगा रही थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने केयरटेकर रवि को उनके कमरे में जाकर देखने के लिए कहा। रवि कमरे में जाने के बाद चीखने लगा।
शोर सुनकर आस पास के लोग जमा हो गए। उन लोगों ने रोहित को बिस्तर पर मृत पाया। पास ही तकिया पड़ा था, जिस पर खून लगा हुआ था।
दो दिन पहले ही रखा था नौकर को
पुलिस जांच में पता चला कि दो दिन पहले रखा गया नाबालिग नौकर फरार है। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान केयरटेकर रवि का बयान लिया।
पुलिस ने बताया कि रवि के बयानों में विरोधाभास था। उससे कड़ाई से पूछताछ की गई। जिसमें उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
उसने बताया कि नए नाबालिग नौकर के साथ व दो अन्य सहयोगी पिंटू यादव और अरुण के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने रवि के निशानदेही पर अन्य सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले को सुलझाने का दावा किया है।
खाने में मिला दी थी नशीली दवा
रिटायर्ड मेजर रोहित सेठी की हत्या के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपी ने षड्यंत्र के तहत वारदात को अंजाम दिया। नौकर ने जल्द कमाई के लिए बनाई योजना के तहत तीन दिन पहले नाबालिग नौकर को उसने खाना बनाने के काम पर रखा।
बुधवार रात नाबालिग नौकर ने खाने में नशीली दवा मिला दी। रोहित सेठी के सोने के बाद नौकर ने पिछला दरवाजा खोल दिया। जहां से अन्य आरोपी भीतर घुस गए और रोहित सेठी की हत्या करने के बाद लूटपाट कर वहां से फरार हो गए।
1971 की लड़ाई के बाद मिला था वीर चक्र पुरस्कार
रोहित सेठी ने 1971 में हुए पाकिस्तान के साथ जंग में शामिल हुए थे। जंग खत्म होने के बाद उन्हें वीरता का पुरस्कार प्रदान किया गया था। रोहित सेठी भाजपा के सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रह चुके हैं।