वीआईपी ट्रेनों में यात्रियों से लूटपाट करने वाले चार शातिर बदमाशों को जीआरपी और आरपीएफ ने ज्वाइंट ऑपरेशन के बाद गिरफ्तार किया है।
चलती ट्रेनों में लूटपाट करने वाले ये बदमाश काशी विश्वनाथ, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, दादर एक्सप्रेस, मालवा, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में अब तक 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं।
जीआरपी ने इनके पास से लूटे गए दो मंगलसूत्र समेत पांच लाख की ज्वैलरी, 21 ट्रॉली बैग, चार लैपटॉप और 12 मोबाइल बरामद किए हैं। इनका नेटवर्क दिल्ली से आगरा, लखनऊ, मुरादाबाद, अलीगढ़ तक फैला था।
पकड़े गए बदमाशों में राहुल शक्तिनगर-रायबरेली, निहाल अंसारी उर्फ गुड्डू गया-बिहार, देवनाथ यादव बसूमा-बदायूं और महमूद चिल्ला दिल्ली का रहने वाला है। फिलहाल चारों दिल्ली में रहकर गैंग चलाते थे।
गैंग का सरगना देवेंद्र चौहान फरार है। जीआरपी इंस्पेक्टर विनोद सिंह सिरोही ने बताया कि पकड़े गए बदमाश रोजाना कम से कम तीन से चार वारदात करते थे।
पकड़े गए बदमाश महीने में 15 से 20 दिन निजामुद्दीन, नई दिल्ली और दिल्ली स्टेशन के आसपास वारदात करते थे, बाकी 10 से 15 दिन ये दिल्ली से बाहर मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़ रूट पर ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाते थे।
आरपीएफ इंस्पेक्टर आरके कनौजिया ने बताया कि ये बदमाश रात के समय वारदात करने निकलते थे, ताकि आउटर पर उतरकर भागें और अंधेरे में गुम हो जाएं। इनके पास लोहा काटने का कटर मिला है।
ये महिलाओं के गले से चेन पलक झपकते उड़ाने में माहिर हैं। इनका नेटवर्क केवल दिल्ली तक ही नहीं, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, मेरठ तक फैला हुआ था।
उन्होंने बताया कि सरगना देवेंद्र चौहान की तलाश की जा रही है। जीआरपी एसपी वैभव कृष्ण और डीजी जावीद अहमद ने इस उपलब्धि के लिए जीआरपी टीम को पुरस्कृत किया है।
इन यात्रियों से भी की थी लूटपाट
गुड़गांव निवासी चंदन आजाद और उनके परिवार से बदमाशों ने श्रमशक्ति एक्सप्रेस में 11 अक्तूबर को लूटपाट की थी। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में दुर्ग छत्तीसगढ़ निवासी महिला के.ज्योति से मंगलसूत्र और ज्वैलरी लूटी थी।
सत्याग्रह एक्सप्रेस में एक अक्तूबर को सीतापुर निवासी बिजेंद्र और उनके परिवार से बैग, ज्वैलरी लूट ली थी। इनके अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में वारदात की है।
कर्ज न चुका पाए तो गैंग में हो गए शामिल
पकड़े गए बदमाशों की उम्र महज 19 से 26 साल है। उनका कहना है कि चारों ने गैंग के सरगना देवेंद्र से कर्ज लिया था। कर्ज न चुका पाए तो देवेंद्र ने उन्हें गैंग में शामिल कर आमदनी कराने का झांसा दिया।
पकड़ा गया बदमाश राहुल और गुड्डू कार की ड्राइविंग करते थे। देवनाथ यादव रेस्टोरेंट पर काम करता था, जबकि महमूद मीट की दुकान चलाता था। गुड्डु अंबाला से और सरगना देवेंद्र दिल्ली जीआरपी थाने से पहले भी जेल जा चुका है।