वाराणसी में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामलों में सोमवार को फैसला नहीं आ सका। गाजियाबाद डिस्ट्रिक कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे में सोमवार को जनपद न्यायाधीश रविंद्र नाथ मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग पेश करने को कहा तो डीजीसी सुरेश यादव ने कोर्ट से समय मांग लिया।
इस पर जनपद न्यायाधीश ने अब 19 अक्तूबर की तारीख तय की है। इससे पूर्व डासना जेल में बंद इस बम कांड के आरोपी वलीउल्लाह को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया।
वाराणसी बम कांड में फैसले के लिए जनपद न्यायाधीश कोर्ट ने सोमवार की तारीख लगाई थी। बड़ी संख्या में इलेक्ट्रानिक और प्रिंट मीडिया से जुडे़ लोग भी कवरेज के लिए पहुंचे थे।
दोपहर करीब दो बजे डासना जेल में बंद आरोपी वलीउल्लाह को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कोर्ट में पेश किया गया। जनपद न्यायाधीश ने सुनवाई शुरू की।
डीजीसी सुरेश यादव ने कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग पेश करने के लिए समय मांगा तो कोर्ट ने उन्हें 19 अक्तूबर तक का समय दे दिया। डीजीसी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की कुछ रूलिंग उन्हें कोर्ट में फाइल करनी हैं।
जल्द ही इन रूलिंग को पेश कर दिया जाएगा। डीजीसी ने बताया कि इन तीनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की थीं।
मामले की जांच गाजियाबाद कोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई थी। तभी से इन तीनों मामलों की सुनवाई गाजियाबाद जनपद न्यायाधीश कोर्ट में चल रही है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता इलियास चौधरी ने बताया कि अभियोजन की ओर से जीआरपी कैंट धमाके में 53, संकट मोचन धमाके में 52 और दशासमेव घाट मामले में 42 गवाह पेश किए गए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाहों ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए।