नोएडा के सेक्टर-58 में भतीजे की कुल्हाड़ी से सिर काट कर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने फूफा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
सरकारी वकील चमन प्रकाश शर्मा और इरशाद अहमद ने बताया कि नोएडा के सेक्टर-58 थाना क्षेत्र के तहत प्रेमचंद्र उर्फ प्रेमबाबा ने 16 मई 2010 को सवेरे 7:30 बजे अपने साले के बेटे अयोध्या की कुल्हाड़ी से सिर काटकर हत्या कर दी थी।
हत्या करने के बाद कुल्हाड़ी को लेकर थाने पहुंचा। अपने भतीजे की हत्या की सूचना पुलिस को देते हुए कुल्हाड़ी पुलिस को सौंप दी थी। उसका कहना था कि भतीजा अयोध्या उसकी बेटी पर बुरी नजर रखता था। प्रेमचंद के खिलाफ हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने न्यायालय में पेश किया।
मामले की सुनवाई एडीजे (प्रथम) न्यायाधीश डा. चरण सिंह की न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान सरकारी वकीलों ने 9 गवाह पेश किए। गवाह के बयान और साक्ष्यों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी प्रेमबाबा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।