नोएडा में एक घर के अंदर दो भाइयों के शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। रविवार को पड़ोसियों ने घर से बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी।
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थाना-58 पुलिस ने घर का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से बंद होने पर पुलिस को दरवाजा तोड़ना पड़ा। अंदर का दृश्य भयावह था।
मझला भाई सुमित (34) सीढ़ियों की ग्रिल से फंदे से लटका हुआ था। घर में चारों ओर गंदगी थी। दूसरे कमरे में अमित (37) बिस्तर पर मृत पड़ा था। उसके आसपास खून जमा हुआ था। जगह-जगह पिज्जा बर्गर के रैपर और कोल्ड ड्रिंक की बोतलें पड़ी हुई थीं।
कब हुई दोनों की मौत?
पुलिस के अनुसार सेक्टर-56 के डी-8 में दोनों भाई कई दिनों से घर में बंद थे। शवों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता था कि दोनों की मौत तीन से चार दिन पहले ही हो चुकी थी।
पड़ोसियों ने रविवार दोपहर दो बजे घर में कोई चहल-पहल न होने व बदबू आने पर रविवार को इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने तीसरे नंबर के भाई रोहित को सूचना देकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। सीओ द्वितीय विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों भाई डिप्रेशन के शिकार थे।
माता-पिता की मौत के बाद आए थे नोएडा
अमित, सुमित और रोहित तीनों भाई माता-पिता की मौत के बाद 1996 में दिल्ली के लाजपत नगर से नोएडा के सेक्टर-56 स्थित डी-8 में शिफ्ट हुए थे। पिता वीरेंद्र डाबरा व्यापारी थे। जिनकी 1996 में दिल का दौरा पड़ने से मौत हुई थी।
वहीं, पुलिस ने बताया कि उनकी माता ने भी आत्महत्या कर ली थी। तीनों में अमित सबसे बड़ा था। बताया जाता है कि वह मानसिक तौर पर कमजोर था। वहीं, सुमित ने इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से एमसीए किया था।
सुमित ही पिछले कई साल से बड़े भाई अमित का खयाल रख रहा था। सबसे छोटा रोहित तीन साल पहले शादी करके गुड़गांव शिफ्ट हो गया था। वह गुड़गांव में ही जॉब करता है। जबकि, अमित और सुमित की शादी नहीं हुई थी।
पिज्जा-बर्गर के भरोसे थे
रोहित के जाने के बाद अमित और सुमित घर में ही बंद रहते थे। घर पर दक्षिण भारत मूल की एक महिला काम करती थी। वह घर की साफ-सफाई और खाना बनाकर खिलाती थी।
21 दिन पहले अमित के शरीर में चोट लगने के बाद उस महिला ने पड़ोस में आकर जानकारी दी थी। उसने बताया था कि घर में उसका काम करना बड़ा मुश्किल है। इसके बाद वह अपने गांव चली गई।
पड़ोसियों ने बताया कि दोनों भाई ज्यादातर पिज्जा, बर्गर और कोल्ड ड्रिंक से ही अपना पेट भरते थे।
पड़ोसियों ने बताया कि अमित तो शुरू से ही मानसिक रूप से कमजोर था। पड़ोसियों ने बताया कि सुमित भी कभी-कभी बेहद गुस्सा हो जाता था। एक साल पहले पड़ोस में उसने किसी बात से नाराज होकर पत्थर भी फेंके थे। जिसके बाद पड़ोसी ने पुलिस बुला ली थी।
पड़ोसियों का कहना है कि सुमित का बर्ताव भी कभी-कभी समझ से परे हो जाता था। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों भाइयों का खर्चा पिता की बचत पर चल रहा था। हालांकि, एक बार सुमित ने एक पड़ोसी से जॉब के लिए भी बात की थी।
बताया जाता है कि रोहित के जाने के बाद सुमित टूट गया था। शादी के बाद रोहित घर भी कम आता था। रोहित ने तीन सप्ताह पहले दोनों भाइयों से बात की थी। पहले कई बार पड़ोसियों ने दोनों भाइयों को घर के बाहर घूमते देखा था।