थाना सेक्टर-58 पुलिस ने मंगलवार शाम सेक्टर-62 डीएलएफ चौराहे के पास से चेकिंग के दौरान तीन तस्करों को 113 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। इसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। मुख्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग निकला।
क्षेत्राधिकारी द्वितीय राजीव कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार गांजा तस्करों की पहचान ताजगंज आगरा निवासी वकील अहमद, केका बट्टा मरकज मजिस्ट्रेट रोड गाजियाबाद निवासी वसीम और अशोक नगर सिहानी गेट गाजियाबाद निवासी राहुल के रूप में हुई है। वकील फिलहाल सेक्टर-11 विजयनगर गाजियाबाद की झुग्गियों में रह रहा था।
इनका फरार साथी राहुल ओम है जो मूलरूप से बिहार का रहने वाला है, लेकिन कई वर्षों से वह सेक्टर-11 विजय नगर में रह रहा था। राहुल ओम ही गिरोह का मुख्य आरोपी है। राहुल काफी समय से गांजा तस्करी कर रहा था। तस्करी के पैसों से ही उसने विजयनगर में अपना घर बना रखा है।
हुक्का बार सहित स्कूल, कॉलेज व रेव पार्टियों में होती है आपूर्ति
बरामद सेंट्रो कार मुख्य आरोपी की है, इसी कार की डिग्गी में दो बड़े बोरों में गांजा बरामद हुआ। कार को जब्त कर लिया गया है। जांच की जा रही है कि कार राहुल की है या नहीं। वहीं, गिरफ्तार करने वाली टीम के लिए दो हजार रुपये नकद पुरस्कार घोषित किया गया है।
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपी मुख्य आरोपी से गांजा लेकर उसे जगह-जगह सप्लाई करते हैं। इसलिए तीनों आरोपियों के पास से अलग-अलग एक-एक किलो गांजा मिला है।
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी एनसीआर के हुक्का बार, स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान और औद्योगिक क्षेत्र में गांजा सप्लाई करते थे। इसके अलावा रेव पार्टी और फार्म हाउस पर होने वाली पार्टियों में भी ये लोग गांजा सप्लाई करते थे। आरोपियों ने बताया कि हाई प्रोफाइल युवा भी मौज-मस्ती और शौक में गांजे का नशा करते हैं।
ओडिशा से ट्रेन में लाते थे गांजा
ड्रग्स स्मगलिंग
- फोटो : डेमो फोटो
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि ये गिरोह ओडिशा से गांजा तस्करी कर लाता था। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए ये लोग ट्रेन के जरिये गांजा लाते हैं। गांजे को एनसीआर के छोटे रेलवे स्टेशनों पर उतारा जाता है, जहां बिना चेकिंग उसे निकाला जा सके।
इसके बाद गांजा कार से मुख्य आरोपी राहुल ओम के पास पहुंचता है। इसके पहले भी नोएडा-एनसीआर में ओडिशा से गांजा तस्करी करने वाले कई गिरोह पकड़े जा चुके हैं। पुलिस को आशंका है कि रेलवे के कुछ कर्मचारी भी इस गिरोह के साथ मिले हो सकते हैं। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से गिरोह केअन्य सदस्यों के नाम उजागर हो सकते हैं।
गैंगस्टर एक्ट के अनुसार होगी कार्रवाई
मुख्य आरोपी राहुल ओम पहले भी गाजियाबाद से जेल जा चुका है। कुछ और जगहों से भी उसके गिरफ्तार होने की जानकारी मिल रही है। नोएडा पुलिस उसका आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। आपराधिक इतिहास मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई होगी।