एक लड़की की शादी आईएसएस के हुई। लेकिन शादी के तीन साल बाद ही ऐसा हुआ कि उसके साथ घरवाले भी हैरानी में पड़ गए। इस समय पूरा परिवार सदमे में है। बेटे को फर्जी आईएएस अधिकारी बताकर शादी कराने के मामले में पूर्व पीसीएस अधिकारी उसकी पत्नी और बेटे के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
परिवार पर कार्ड और फर्जी प्रपत्र आदि बनाने का भी आरोप है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर दर्ज हुए मुकदमे के बाद पुलिस अब आरोपी पक्ष पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है। चंद्रलोक कॉलोनी निवासी काम्या अरोड़ा की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया है कि वर्ष 2013 में आर्य नगर निवासी सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी विपिन कुमार, उसकी पत्नी पुष्पा चौधरी ने उनके पिता अशोक अरोड़ा से रिश्ता तय करते समय विश्वास दिलाया था कि उनका बेटा अभिनव आईएएस है।
फिलहाल वह एलबीएस एकेडमी में ट्रेनिंग कर रहा है। धोखा देने के लिए उन्होंने बाकायदा समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया कि तीसरे प्रयास में ही अभिनव ने 207वीं रैंक पाई है। उस समय यह भी बताया था कि वह मुंबई में कस्टम अधिकारी है। विश्वास करते हुए 24 नवंबर 2013 को पिता अशोक अरोड़ा ने काम्या की शादी अभिनव से करा दी। शादी के कार्ड तक में अभिनव के आईएएस होने का उल्लेख था।
पोस्टिंग के लिए बोला झूठ
काम्या के अनुसार, शादी के बाद अभिनव और उसके परिवार ने बताया कि उसकी तैनाती नक्सलवादी क्षेत्र नागालैंड में हो गई है। लिहाजा वह वहां नहीं जा रहा है। कुछ दिन में ही शराब पीकर उसके साथ मारपीट करते हुए अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी।
झूठ बोलकर शादी करने का विरोध किया तो अभिनव के छोटे भाई ने उसे किसी मामले में फंसाने की धमकी दी। आरोप है कि 28 मई 2017 को परिवार ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। तब से उन्हें धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार ने बुधवार को एसएसपी निवेदिता कुकरेती से मिलकर अभिनव और उसके परिवार पर फर्जी प्रपत्र तैयार करने का आरोप लगाया।
पुलिस ने अभिनव, उसके पिता, मां और भाई के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर लिया है। वहीं, मामले में आरोपी पक्ष से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जब भी उनका पक्ष आएगा हम उसे हूबहू प्रकाशित करेंगे।