लूट व डकैती के एक मामले में गुड़गांव के नूंह की जिला अदालत ने तीन लोगों को आठ साल की कैद तथा एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि न देने की सूरत में उन्हें एक साल की कैद अतिरिक्त भुगतनी होगी। मामले से जुडे़ तीन आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।
सजा पाए तीनों लोगों को भोंडसी जेल भेज दिया गया है। मामला करीब पांच साल पुराना है। दिसंबर 2011 को लखनऊ के गांव भीरख नगर निवासी विजय कुमार पुत्र महेंद्र सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि वह बीकेटी प्राइवेट लिमिटेड, 58 ट्रांसपोर्ट सेंटर नई सब्जी मंडी आजादपुर दिल्ली में करीब एक साल से ड्राइवरी की नौकरी कर रहा है। उसके साथ नरेला दिल्ली का निवासी जितेंद्र वर्मा पुत्र साधुराम भी ड्राइवर है।
2 दिसंबर को वे दोनों एलपीटी ट्रक नंबर एचआर-38, 3026 में कोल्हापुर, महाराष्ट्र से फरीदाबाद के लिए ट्रैक्टर के पार्ट्स भर कर चले थे। 6 दिसंबर को रात करीब आठ बजे जब वे ढिढारा रोड तावडु बाईपास पेट्रोल पंप से थोडा आगे पहुंचे तो एक लाल रंग की मारुति कार ने उनकी गाड़ी को तेजी से ओवरटेक किया और आगे लगाकर उनकी गाड़ी को रोक लिया।
कार में 6-7 युवक बैठे थे। गाड़ी रुकते ही युवक बाहर निकले तथा ट्रक के केबिन के दोनों तरफ से 3-3 लड़के अंदर घुस गए। युवकों ने उन्हें कट्टे का डर दिखा हाथ पैर बांध कर नीचे डाल दिया। सोहना रोड पर करीब 7 किलोमीटर आगे चल कर युवकों ने उन्हें आंखों पर पट्टी बांध कर कार में बैठा लिया तथा इधर-उधर घुमाते हुए नूंह रोड पर पहाड में पटक कर चले गए।
युवकों ने उनसे 2 मोबाइल फोन, दोनों के ड्राइविंग लाइसेंस तथा करीब सात हजार रुपये लूट लिए। साथ ही सामान से भरे ट्रक को भी ले गए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट व डकैती का मामला दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनसे लूटा हुआ ट्रक तथा सामान की बरामदगी की गई।
इसके अलावा उनसे दोनों मोबाईल फोन तथा ड्राइविंग लाइसेंस भी बरामद कर लिया गया। बुधवार को जिला सेशन जज एमएम धोंचक ने नगीना के गांव स्टोरबास निवासी कायम पुत्र याकूब तथा जावेद पुत्र याकूब और ऊमरी निवासी लियाकत पुत्र सौराब को दोषी ठहराते हुए आठ साल कैद तथा एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं जावेद पुत्र अनवर, सद्दाम पुत्र जमशेद तथा साहून पुत्र मजीद के खिलाफ केस साबित न होने के कारण उन्हें बरी कर दिया गया।