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MBA पास था इस 'बदमाश कंपनी' का लीडर, चोरी की कारों को यूं बेचते थे

Thu, 12 Apr 2018 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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manipuri gang - फोटो : अमर उजाला
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दक्षिण जिले के वाहन चोरी निरोधक दस्ते(एएटीएस) ने चोरी के वाहनों को बेचने वाले मणिपुर के एक गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी के वाहनों को मणिपुर में रजिस्टर्ड कराकर बेच देते थे।

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मुख्य आरोपी ने एमबीए किया हुआ है और गुडग़ांव में कॉल सेंटर चलाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ पिस्टल, 16 कारतूस और चोरी की बीएमडब्ल्यू समेत चोरी की 16 कारें बरामद की गई हैं। एक आरोपी मणिपुरी का बर्खास्त सिपाही है।

दक्षिण जिला डीसीपी रोमिल बानिया ने बताया कि एएटीएस टीम को सूचना मिली थी कि मणिपुर का एक गिरोह चोरी के वाहनों को बेचने में लगा हुआ है।

इस टीम का पर्दाफाश करने के लिए एएटीएस प्रभारी रिछपाल सिंह की देखरेख में एसआई कृष्ण कुमार व मंजीत सिंह की विशेष टीम बनाई गई।

करीब 50 कारों को मणिपुर भेज चुके हैं

इस टीम ने सूचना के बाद विशेष पिकेट लगाकर सेक्टर-5, पुष्प विहार से 27 मार्च को होंडा सिटी कार में घूम रहे अस्कर अहमद को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से पांच पिस्टल व आठ कारतूस बरामद किए गए।

आरोपी ने बताया कि वह चोरी की करीब 50 कारों को मणिपुर भेज चुका है। वह मणिपुर में जिला परिवहन अफसर से चोरी की कारों को रजिस्टर्ड करा लेता था।

पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया और उसकी निशानदेही पर आठ लग्जरी कारें बरामद की गईं। इसके बाद हुंडई आई-10 कार, बीएमडब्ल्यू,होंडा सिटी व होंडा एकोर्ड कोटला मुबारकरपुर इलाके से बरामद की गईं।

बाद में पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्य मो. फकरूद्दीन(31), सोरोखाईबम चोरजीत सिंह(25) और अब्दुल गफ्फार खान उर्फ राजा खान (34) को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से हथियार, कारतूस व चोरी की दो बुलट मोटरसाइकिल बरामद की गईं।
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एमबीए डिग्री होकर अस्कर कॉल सेंटर चलाता था

अस्कर अहमद ने अरूणाचल यूनिवर्सिटी से एमबीए किया हुआ है। इसके बाद इसने गुरुग्राम में कॉल सेंटर शुरू किया। मगर जल्द ही इसका कॉल सेंटर बंद हो गया। बाद में ड्रग्स बेचने के आरोप में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इसे गिरफ्तार किया था।
 
जेल से बाहर आने के बाद ये बुराहन केसंपर्कमें आया और उससे चोरी के वाहन खरीदने लगा। वाहनों के चैसिस व इंजन नंबर को टेम्पर कर उसकेएनसीआरबी की रिपोर्ट बनवाकर मणिपुर में बेच देता था। गिराह के सदस्य इनकेमणिपुर में भी कागजात बनवा देता था। 

फकरुद्दीन मणिपुर पुलिस का सिपाही रहा है
फकरुद़्दीन इस गिरोह का मुख्य सदस्य है। वह मणिपुर पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वाहन चोरी के मामले में शामिल होने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
 
अब्दुल गफ्फार एनसीआरबी की फर्जी रिपोर्ट तैयार करने में माहिर है। चोरजीत सिंह चोरी केकई मामलों में भगोड़ा घोषित हो रखा है।
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