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ट्रांसप्लांट करने वाला तीसरा डॉक्टर भी संदेह के घेरे में, देश भर में छापेमारी जारी

Mon, 06 Jun 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Demo Pic
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किडनी रैकेट मामले में दिल्ली के अपोलो अस्पताल की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक किडनी ट्रांसप्लांट करने वाला तीसरा डॉक्टर भी शक के दायरे में है।
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माना जा रहा है कि ट्रांसप्लांट करने वाले तीसरे डॉक्टर डीके अग्रवाल को सोमवार पुलिस जांच में शामिल होने का नोटिस देकर बुला सकती है। इधर पहले शक के दायरे में आए डॉ. संदीप गुलेरिया और अशोक सरीन के अमेरिका से दिल्ली आने के बाद पूछताछ की जाएगी।

बता दें कि पूरे मामले की छानबीन के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। वह पूरे मामले की बारीकी से छानबीन कर रही है।
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मामले की छानबीन कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिना अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ की मिली भगत से ट्रांसप्लांट जैसा गोरखधंधा नहीं चल सकता है। किडनी लेने व देते समय डोनर व रिसीवर दोनों का इंटरव्यू करने के दौरान वीडियोग्राफी की जाती है।

इसके अलावा डोनर व रिसीवर के रिलेशन को भी अच्छी तरह से पड़ताल की जाती है। इसके अलावा उनके कागजातों को भी अच्छी तरह से देखा जाता है। ऐसे में बिना डॉक्टरों की मिली भगत से यह संभव नहीं हो सकता है।

इसके अलावा अस्पताल के छह सदस्यों की टीम की निगरानी में ट्रांसप्लांट की पूरी प्रक्रिया होती है। इसमें गुर्दे रोग से जुड़े एक्सपर्ट डॉक्टर शामिल होते हैं। एसआईटी पूरे मामले की बेहद बारीकी से छानबीन कर रही है।
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डोनर और रिसीवर के नामों का खुलासा होने के बाद देशभर में छापेमारी जारी

- फोटो : demo pic
डोनर और रिसीवर के नामों का खुलासा होने के बाद देशभर में छापेमारी जारी
अपोलो किडनी रैकेट की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने देश के कई राज्यों में छापामारी शुरू कर दी है। जांच में जितने डोनर व रिसीवर के नामों का खुलासा हुआ है पुलिस उनके रहने वाले शहरों में छापेमारी कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ जगहों के लिए शनिवार को ही पुलिस टीम भेज दी गई है जबकि कुछ को रविवार को रवाना किया गया है। जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि डोनर और रिसीवर से पूछताछ के लिए पुलिस की टीमों को कानपुर, जम्मू कश्मीर, चंडीगढ़, जयपुर, नागपुर, कोलकाता व चेन्नई रवाना कर दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि डोनर और रिसीवर के साथ-साथ पुलिस इस रैकेट से जुड़े आरोपियों की भी तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की कई टीमें अब तक मिले साक्ष्यों की जांच में जुटी है।

पुलिस के मुताबिक सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही उनके असली होने की भी जांच की जा रही है। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि इस रैकेट का मास्टर माइंड टी राजकुमार राव ने कुछ लोगों के साथ मिलकर नकली दस्तावेज तैयार करवाया था।

पुलिस का कहना है कि दस्तावेज तैयार करने में मदद करने वालों को भी पुलिस आरोपी बनाएगी। रविवार को पुलिस की टीम ने अपोलो अस्पताल में जाकर कुछ दस्तावेज जब्त किए। साथ ही डॉक्टरों व कर्मचारियों से पूछताछ की।
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