100 करोड़ रुपये की संपत्ति के लिए सुपारी देकर जीजा की हत्या करवाने वाले शख्स को अदालत ने हत्या व आपराधिक साजिश का दोषी करार दिया है। दक्षिण दिल्ली के पॉश कालकाजी इलाके में कारोबारी अरुण गुप्ता को अप्रैल 2008 में दिनदहाड़े हत्यारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पटियाला हाउस अदालत ने इस मामले में मृतक के साले दिनेश कुमार मित्तल, उसके नौकर मोहम्मद हारून, जुनैद खान, मोहम्मद परवेज व अकील अहमद को हत्या व आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया है।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में कामयाब रहा है। अदालत ने दोषियों की सजा पर फैसला सुनाने के लिए जून के पहले सप्ताह की तारीख तय की है।
अभियोजन के मुताबिक दिनेश कुमार मित्तल के पिता ने उसकी बहन व अरुण की पत्नी साधना को 100 करोड़ रुपये कीमत का फार्म हाउस मित्तल गार्डन तोहफे में दिया था। इससे दिनेश बेहद नाराज हुआ था और उसने अपनी बहन साधना व जीजा अरुण से झगड़ा भी किया था।
मामले में दोषी दिनेश को इस बात का भी शक था कि उसकी बहन और जीजा उसकी मां के जरिए 10.5 करोड़ की एफडी भी हथियाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बात से भी वह बेहद परेशान था।