रेलवे रोड स्थित बाल सुधार गृह से शनिवार को भागे पांचों आरोपी बालिग थे। उन्हें नीमका जेल में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही थी। जेल जाने के डर से ही आरोपियों ने भागने की योजना बनाई।
जानकर हैरानी होगी कि इसमें एक आरोपी हिस्ट्रीशीटर है। उस पर हत्या, हत्या के प्रयास और लूट आदि के 16 मुकदमे विभिन्न थानों में दर्ज हैं। खुद इस बात का खुलासा वार्डन अधीक्षक दिनेश यादव ने किया है।
अमर उजाला से बातचीत करते हुए यादव ने दावा किया कि फरार हुए बालिगों पवन कुमार, गौतम, सागर, बिजेंद्र और मोहम्मद परवेज की आयु 18 साल पूरी हो चुकी थी।
जिला न्यायाधीश और ज्यूवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पीठासीन मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर इस बात की जानकारी दे दी गई थी। करीब दस दिन पहले जिला जज ने फरार हुए इन आरोपियों को जेल भेजने की अनुमति दे दी थी। उनके शिफ्टिंग की प्रक्रिया चल रही थी।
हिस्ट्रीशीटर है आरोपी पवन
वार्डन अधीक्षक ने बताया कि फतेहपुर बिल्लौच निवासी पवन कुमार की उम्र रिकार्ड के अनुसार 21 वर्ष हो चुकी है। वह हिस्ट्रीशीटर है। इस पर विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूटपाट के करीब 16 मुकदमे दर्ज हैं।
अन्य आरोपियों पर भी संगीन अपराध करने के आरोप हैं। उन्होंने बताया कि बाल सुधार गृह में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। फुटेज से साफ है कि पांचों आरोपियों ने भागने की साजिश रची है, क्योंकि उन्हें नीमका जेल जाने का डर था।