दहेज में दो लाख रुपये एवं सेंट्रो कार की मांग पूरी नहीं होने पर ससुरालियों ने विवाहिता को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। पांच दिन पूर्व उसे गंभीर हालत में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।
मरने से पहले अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने उसका बयान दर्ज किया। युवती ने ससुरालियों द्वारा जलाने की बात कही है। मृतका के पिता ने बेटी के ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मुरादनगर गाजियाबाद निवासी नूर मोहम्मद ने बताया कि 25 फरवरी 2010 को उन्होंने बेटी शाहजहां की शादी लोनी के इकराम नगर कालोनी में रहने वाले नजाकत के साथ की थी।
शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपये एवं सेंट्रो कार देने की मांग करने लगे। दो बेटे शादान (3) और अरहान (1) की मांग बनने के बाद भी दहेज की मांग जारी रही।
दहेज की मांग पूरी होने पर ससुरालियों ने सात मई की दोपहर दो बजे शाहजहां को कमरे में बंद कर मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। घर से धुआं उठता देख आसपास के लोग पहुंचे तो ससुरालियों ने उसे उपचार के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया था।
जहां रविवार सुबह छह बजे उसकी मौत हो गई। पिता ने उसके पति, सास, ससुर, देवर एवं खलिया सास के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। चौकी इंचार्ज एनडी शर्मा के मुताबिक, आरोपियों की तलाश चल रही है।
वहीं, शाहजहां की मौत से मुरादनगर स्थित मायके में मृतका की मां रूबीना व अन्य परिजनों का का रो-रो कर बुरा हाल है। शाहजहां छह भाई-बहनों दीन मोहम्म्द, साजिया, गुलिस्ता, शबाना, ताज मोहम्मद में दूसरे नंबर पर थी।