रबूपुरा के फलैंदा गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हत्या और जानलेवा हमला करने के मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले की सुनवाई गौतमबुद्ध नगर कोर्ट में एडीजे (एससीएसटी) स्पेशल कोर्ट में न्यायाधीश अनिल कुमार सिंह ने की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए।
सरकारी वकील मो. इरशाद ने बताया कि फलैंदा में 25 अगस्त, 1999 की रात रंजिश के चलते गांव के ही देवन उर्फ देवेंद्र, मोतसी, विजेंद्र और मुनेंद्र ने गाली देते हुए फायरिंग की। इस घटना में गोली लगने से कुशल पाल की मौत हो गई थी।
वहीं विनोद व विजेंद्र घायल हुए थे। बाद में विनोद ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और आरोप-पत्र कोर्ट में दायर किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी विजेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई थी। न्यायालय ने मामले में गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट समेत सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए हत्या करने, हत्या का प्रयास, घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और जान से मारने की धमकी देने की आरोप में चारों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।