दिल्ली से 10 साल पूर्व अगवा कर वेश्यावृत्ति के लिए सात बार बेची गई सलमा (20)(बदला हुआ नाम) के मामले में उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है। खुद जिला पुलिस उपायुक्त डॉ.अजीत कुमार सिंगला एसआईटी के काम पर नजर रखे हुए हैं।
एक टीम सलमा को लेकर पंजाब के मनसा, बुर्ज हरी गांव भी रवाना हो गई है। वहां सलमा के जेठ व जेठानी ने उसके दोनों बच्चों को छीनकर उसे घर से निकाल दिया था। जांच के दौरान जिन-जिन लोगों के नाम सलमा ने पुलिस को बताए हैं, पुलिस उनसे भी पूछताछ कर उन्हें दिल्ली लेकर आएगी।
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेडिकल कराकर पुलिस ने सलमा का कोर्ट में 164 का बयान करा दिया है। वहां कोर्ट के सामने भी उसने अपनी पुरानी कहानी को दोहराया है।
सलमा के खुलासे के बाद पुलिस ने डीआईयू (डिस्ट्रिक्ट इंवस्टिगेशन यूनिट) के नेतृत्व में एसआईटी बना दी है। टीम में खजूरी खास थाना प्रभारी समेत करीब एक दर्जन पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया है।
सलमा को लेकर पुलिस पंजाब हुई रवाना
पुलिस
- फोटो : file photo
एक टीम सलमा को लेकर पंजाब के मनसा भी रवाना हो गई है। सलमा ने अपने जेठ के लड़के पर भी दुष्कर्म का आरोप लगाया है। पुलिस की टीम अंबाला और गुजरात भी जाएगी।
इधर, पुलिस की जांच के बाद अब सलमा की मां संतुष्ट है, उसका कहना है कि पुलिस ने पहले यदि तेजी दिखाई होती तो उनकी बच्ची के साथ ज्यादती नहीं होती। अब बस पुलिस आरोपियों को सजा दिलाकर उसके बच्चे उसे दिलवा दे।
बता दें कि दो जुलाई 2006 को दिल्ली के वेलकम इलाके से कार सवार बदमाशों ने 10 साल की मासूम सलमा को अगवा कर लिया था। अंबाला ले जाकर पहले सलमा को हवस का शिकार बनाया, बाद में उसे गुजरात समेत अन्य राज्यों में सात अलग-अलग जगह बेच दिया।
बाद में पंजाब के मनसा स्थित गांव में सलमा की एक अधेड़ से शादी करा दी गई। सलमा को उससे दो बच्चे भी हुए। 2015 में अधिक नशा करने की वजह से उसके पति की मौत हो गई तो जेठ ने बच्चे छीनकर सलमा को भगा दिया। बाद में दिल्ली की एक डांसर के जरिये सलमा दिल्ली पहुंची और परिवार से मिली।