दिल्ली विश्वविद्यालय के रेगुलर कॉलेजों में अब दाखिला रद्द कराना विद्यार्थियों को महंगा पड़ सकता है। डीयू प्रशासन ने लगातार हो रही शिफ्टिंग को रोकने के लिए एक फॉर्मूला तैयार किया है। जो कि आरक्षित श्रेणी की आठवीं, नौवीं कटऑफ व 9 अगस्त के बाद जारी होने वाली सामान्य श्रेणी की कटऑफ पर लागू होगा। दरअसल, अब विद्यार्थी यदि दाखिला लेने के बाद इसे रद्द कराते हैं तो उन्हें दोबारा दाखिला नहीं दिया जाएगा। इस तरह से उन्हें दाखिला रद्द कराने का अवसर तो मिलेगा लेकिन वह उसका लाभ नहीं ले सकेंगे।
डीयू के एक अधिकारी के मुताबिक, प्रशासन ने आरक्षित श्रेणी की लगभग 1000 सीटों के लिए एक स्पेशल ड्राइव शुरू किया है। जिसमें विद्यार्थियों को अपनी श्रेणी में बदलाव की सुविधा भी दी गई। इसके तहत बृहस्पतिवार को आरक्षित श्रेणी के लिए आठवीं कटऑफ जारी होगी और दाखिले शुरू होकर शुक्रवार तक चलेंगे।
अधिकारी के अनुसार आठवीं कटऑफ के लिए यह चिंता थी कि कहीं बीती कटऑफ में दाखिला ले चुके विद्यार्थी इस कटऑफ में दाखिले के लिए ना आ जाए। लिहाजा एक फॉर्मूला तैयार किया गया। इस फॉर्मूले के अनुसार एक तो इस कटऑफ में विद्यार्थी दाखिला ले लेता है तो अगली नौवीं कटऑफ में दाखिला रद्द कराकर कहीं और दाखिला लेगा तो उसे कहीं दाखिला नहीं मिलेगा। उससे दाखिले रद्द कराने का अधिकार छीना नहीं गया लेकिन उस पर एक शर्त लगा दी गई है।
विद्यार्थियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि आरक्षित श्रेणी के लिए आ रही कटऑफ में केवल उन्हें ही दाखिला मिलेगा जिनका दाखिला अब तक कहीं नहीं हुआ और जिन्होंने बीते तीन दिनों में अपनी श्रेणी में बदलाव किया है। ऐसे लगभग सवा सौ विद्यार्थी हैं जिन्होंने श्रेणी में बदलाव की सुविधा का लाभ लिया है।