दिल्ली के सागरपुर इलाके में सोमवार शाम एक युवक ने पहले पत्नी फिर सास और इसके बाद सालों पर चाकू से हमला कर दिया। इनमें सास की मौत हो गई है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार कौशल्या (58) अपने दो बेटों पंकज और अंकुर के साथ सागरपुर के गीतांजलि पार्क इलाके में रहती थी। उसकी बेटी पूनम (25) अपने पति भूपेंद्र (30) के साथ नारायणा गांव में रहती है।
भूपेंद्र पेशे से बाउंसर है। सोमवार शाम भूपेंद्र अपनी पत्नी को लेकर ससुराल पहुंचा। जहां बातचीत के दौरान भूपेंद्र की पत्नी से कहासुनी होने लगी। कहासुनी के दौरान ही भूपेंद्र ने पूनम पर चाकू से हमला कर दिया।
जिसे देखकर उसकी मां कौशल्या बीच बचाव करने लगी। इसी दौरान भूपेंद्र ने कौशल्या देवी पर भी चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। यह देखकर उसके दोनों बेटे बचाव के लिए आए। उसने अपने दोनों सालों पर भी चाकू से हमला कर किया।
दो सालों को भी जख्मी कर आरोपी हुआ फरार
घटना को अंजाम देकर वह वहां से फरार हो गया। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने चारों को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने कौशल्या देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य तीन का उपचार चल रहा है।
पुलिस का कहना है कि अभी पीड़ितों का बयान नहीं होने की वजह से कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। अभी तक की जांच में पता चला है कि भूपेंद्र और पूनम की नौ साल पहले शादी हुई थी। इनके दो बच्चे हैं।
शादी के कुछ दिनों तक इनमें अच्छे संबंध थे, लेकिन हाल के दिनों में दोनों की बात-बात पर लड़ाई होती थी। बताया जा रहा है कि पूनम सोमवार को मायके पहुंचने के बाद भूपेंद्र के साथ वापस ससुराल नहीं जाना चाहती थी।
इसी बात को लेकर झगड़ा होने लगा। हालांकि पुलिस का कहना है कि भूपेंद्र जिस तरह से अपने साथ चाकू लेकर आया था, इससे साफ जाहिर होता है कि वह हत्या करने के मकसद से ही यहां पहुंचा था। पुलिस फिलहाल भूपेंद्र की तलाश में जुटी है।
पिता की मूसल मारकर की हत्या
दिल्ली के जनकपुरी में रविवार दोपहर एक बेटे ने पिता की मूसल मारकर हत्या कर दी। दोनों के बीच प्रॉपर्टी को लेकर कहासुनी होती थी। पुलिस ने आरोपी योगेश (38) को गिरफ्तार कर लिया है। जनकपुरी थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है।
भगवान दास मूलचंद (78) अपने बेटे योगेश (38) और बेटी प्रेरणा के साथ जनकपुरी बी ब्लॉक में रहता था। योगेश कोई काम नहीं करता था। परिवार की सारी जिम्मेदारी प्रेरणा पर है। योगेश के काम नहीं करने की वजह से भगवान दास की उससे अक्सर कहासुनी होती थी।
रविवार को फिर पिता-पुत्र में कहासुनी हुई। प्रेरणा जब शाम पांच बजे घर पहुंची भगवान दास कुर्सी पर लहूलुहान अवस्था में बैठे हुए थे और पास ही योगेश खून से सना मूसल लेकर शांत बैठा था।
पुलिस भगवान दास को पास के अस्पताल में ले गई, जहां डॉक्टरों ने उनहें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, रविवार को जब भगवान दास से मकान को बेचने की बात कही तो योगेश ने हत्या करने की योजना बना ली थी।