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प्लान था तैयार, चार हत्याएं करने के लिए निकले थे शार्प शूटर

Wed, 16 Mar 2016 06:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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शार्प शूटर - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बलराम ठाकुर गिरोह के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है। सोमवार देर रात एसटीएफ ने बादलपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए धूममानिकपुर के समीप से दोनों को दबोच लिया जबकि इनका एक साथी फरार हो गया।
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फरार आरोपी अपने भाई की हत्या कराने जा रहा था। बदमाशों ने चार लोगों की हत्या करने की सुपारी ली थी। इनमें तीन की बलराम ठाकुर गैंग से रंजिश है। हत्या की साजिश बुलंदशहर और उन्नाव जेल से रची गई। इनके पास से सफारी कार, पिस्टल, तमंचा, कारतूस, दो मोबाइल और नगदी बरामद हुई है।

एसटीएफ सीओ राजकुमार मिश्रा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बलराम ठाकुर गिरोह के शूटर बुलंदशहर निवासी सतेंद्र सिरोही व प्रदीप को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। इनका एक साथी स्याना बुलंदशहर निवासी अतुल पंडित पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
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सोमवार रात तीनों कार में सवार होकर अतुल के भाई की हत्या करने जा रहे थे, तभी इन्हें एसटीएफ ने दबोच लिया। पूछताछ में सतेंद्र ने बताया कि उन्होंने गांव बिसारा, जिला अलीगढ़ निवासी बंटी प्रधान की हत्या करने की सुपारी दस लाख रुपये में ली थी। उसकी हत्या गांव के ही कप्तान और सुधीर भदौरिया कराना चाह रहे थे। दोनों जेल में है।
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अजय हथियार और गाड़ियों का इंतजाम कर चुका था

शार्प शूटर से बरामद कार - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
हत्या के लिए मुखबिरी कर रहे बिसारा का अजय हथियार और गाड़ियों का इंतजाम कर चुका था। सतेंद्र ने बताया कि वह वर्ष 2013 में बुलंदशहर जेल में बलराम ठाकुर से मुलाकात के बाद से उसके लिए काम करने लगा था।

दहेज हत्या समेत कई मामलों में अतुल पंडित भी जेल में रह चुका है। उसने बलराम के साथ अपने भाई की हत्या की साजिश रची थी। अतुल की अपने भाई के साथ जमीन को लेकर रंजिश चल रही है। इसके लिए अतुल ने बलराम को 30 हजार रुपये एडवांस भी दिए थे। वहीं, जमीन का कुछ हिस्सा बलराम ठाकुर को भी देने की बात हुई थी।

बुलंदशहर के पचास हजार के ईनामी बदमाश मुकेश हजरतपुरिया की हत्या पुलिस कस्टडी में करने की योजना थी। इसकी सुपारी मुकेश के गांव के ही मास्टर सुभाष ने दी थी। सतेंद्र ने बताया कि सोनू नाई बलराम ठाकुर का साथी है।

2013 में सुंदर भाटी की हत्या करने के लिए एक करोड़ रुपये की सुपारी ली थी

Firing
कुछ माह पहले दनकौर, सिकंद्राबाद क्षेत्र में सोनू के साथी सतीश की हत्या बिजेंद्र ने की थी जिसका बदला लेने के लिए भी बिजेंद्र की हत्या की योजना बनाई जा रही थी।

पुलिस पूछताछ में पता चला कि सतेंद्र ने 2013 में सुंदर भाटी की हत्या करने के लिए एक करोड़ रुपये की सुपारी ली थी। समय से पैसा नहीं मिलने पर वह वारदात को अंजाम देने में असफल हो गया था। पुलिस को मामले की जानकारी होते ही सतेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पुलिस का कहना है कि सतेंद्र ने 2009 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद से उस पर तीन हत्या करने का आरोप है। इन मामलों में जेल भी जा चुका है। 2009 में उसने बुलंदशहर में श्योराज सिंह प्रधान की हत्या की थी। 
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2013 में देवबंद में पवन त्यागी की हत्या की

प्रतीकात्मक तस्वीर
खुर्जा के धर्मेंद्र की हत्या में भी आरोपी रहा है। 2013 में देवबंद में पवन त्यागी की हत्या की। इसके अलावा बुलंदशहर और अनूप शहर में रंगदारी नही देने पर दो व्यापारियों पर फायरिंग कर दी थी। यह 2013 से जेल में बलराम ठाकुर से मुलाकात के बाद उसके लिए काम कर रहा है। वहीं, प्रदीप से पूछताछ में पता चला कि वह पहली बार हत्या करने जा रहा था।

बलराम ठाकुर के शार्पशूटरों की गिरफ्तारी के बाद फिर यह साफ हो गया है कि जेल से गिरोहों का संचालन नहीं रुक पा रहा है। जेल में बंद गिरोह के सरगना शूटरों के माध्यम से रंगदारी नही मिलने पर हत्या की वारदात अंजाम दे रहे हैं।

जबकि हाल ही में यूपी के पुलिस महानिदेशक जवीद अहमद ने गौतमबुद्ध नगर में हुई प्रेस कांफ्रेंस में इन गिरोहों को समाप्त करने के सवाल पर कहा था कि काम चल रहा है।
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