तीन नकाबपोश बाइकर्स ने मंगलवार सरेशाम चिपियाना फाटक के पास लोहा कारोबारी के दो कलेक्शन एजेंटों से स्कूटी समेत 25 लाख रुपये लूट लिए। कर्मचारियों ने बहादुरी दिखाई, मगर गोली मारने की धमकी से वे डर गए।
बाद में बदमाश स्कूटी को सिविल लाइंस पुलिस चौकी के सामने छोड़कर कैश लेकर भाग गए। बदमाश अपनी बाइक छोड़ गए। डीआईजी मेरठ रेंज रमित शर्मा भी मौके पर पहुंचे।
लोहा विक्रेता मंडल के मंत्री अमरीश जैन ने कहा कि पुलिस जल्द खुलासा करे। ऐसे में लोहा व्यापारी व्यापार कैसे कर पाएंगे। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
लोहा मंडी में श्री कृष्ण महेश कुमार की फर्म है। लोहा कारोबारी महेश कुमार दिल्ली में रहते हैं। बेटा मोहित सरिया डिस्ट्रीब्यूटर है। बिहार निवासी राकेश पांच साल से और शिकारपुर बुलंदशहर का पुष्पेंद्र 9 साल से फर्म में कार्यरत है।
महेश ने बताया कि दो कलेक्शन एजेंट राकेश और पुष्पेंद्र नोएडा, खोड़ा और छिजारसी से 25 लाख रुपये कलेक्ट कर लौट रहे थे। शाम पौने छह बजे वे चिपियाना फाटक पहुंचे।
स्कूटी चला रहे पुष्पेंद्र ने बताया कि पीछे से बाइक सवार तीन बदमाशों में से एक ने आवाज लगाई। करीब आते ही बदमाश ने स्कूटी में पैर मारकर गिरा दिया। एक ने पिस्टल निकालकर तान दी, दूसरे ने स्कूटी छीन ली।
वह तीसरे बदमाश को पकड़ने दौड़ा तो वह दीवार फांदकर भाग गया। बदमाश बाइक वहीं छोड़ गए। पुष्पेंद्र ने लूट की सूचना मोहित को दी। मोहित ने लोहा कारोबारियों और पुलिस को सूचना दी।
मोहित साथियों के साथ सिविल लाइंस चौकी पहुंचे। कारोबारियों ने डीआईजी से मुलाकात कर वारदात के जल्द खुलासे की मांग की। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वारदात संदिग्ध लग रही है। आशंका है कि रेकी की गई है।
डिस्कवर का निकला नंबर
लुटेरों की यूनिकॉर्न बाइक पर नंबर प्लेट डिस्कवर की है। चेसिस नंबर से मालिक का पता चल पाएगा।
खुला मिला चिपियाना फाटक
कर्मचारी जब चिपियाना रेलवे फाटक पर पहुंचे तो वह खुला था। यह अक्सर बंद रहता है। पुष्पेंद्र का दावा है कि उसने स्कूटी को पीछे से पकड़ा पर बदमाश ने धक्का दे दिया।
पलिस की लापरवाही
चिपियाना रोड पर पूर्व में भी लूट हो चुकी हैं, एक तरफ विजयनगर , दूसरी ओर कोतवाली पुलिस क्षेत्र है। गश्त न होने से यह लूट हुई। कर्मचारी भी एनएच-24 के बजाय सुनसान क्षेत्र से निकले।
कर्मियों ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया में एक कांटे से उन्हें बिल लेना था। पुलिस विजयनगर एरिया में एक कंपनी के बाहर सीसी कैमरों की मदद लेगी।
लुटेरों की बाइक पर पीड़ित
ऐसा पहली बार हुआ है, जब लुटेरों की बाइक पर पीड़ित कई किमी तक उनकी तलाश में घूमे।