रॉ के पूर्व कर्मचारी विनोद कुमार को हत्या से पहले बेरहमी से पीटा गया था। यह खुलासा एक स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में हुआ है।
अभी तक मामले की जांच विजयनगर पुलिस कर रही थी, मगर अब परिजनों ने नोएडा पुलिस से जांच कराने की मांग की है।
परिजनों को अंदेशा है कि आरोपी विजयनगर के रहने वाले हैं, लिहाजा वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज है।
ये है मामला
नोएडा के खेड़ी गांव में रहने वाले विनोद कुमार (45) इसी साल तीन अगस्त को लापता हो गए थे। 5 अगस्त को नोएडा के डीएनडी फ्लाईओवर के पास उनका शव मिला था। सितंबर माह में विनोद के परिजनों ने हत्या का केस नोएडा सेक्टर-20 थाने में दर्ज कराया था।
पहले किसी से रंजिश न होने के कारण विनोद के परिजनों ने एफआईआर से इंकार कर दिया था, लेकिन परिजनों को छानबीन में पता चला कि तीन अगस्त को विनोद के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी।
विनोद के भाई अनिल कुमार ने बताया कि तीन अगस्त को विनोद विजय नगर में मशीन की खरीदारी करने के लिए गए थे। वहां उनका मशीन की खरीदारी के दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर गोशाला पर तीन लोगों से झगड़ा हुआ था।
तीनों ने एक निजी स्कूल में विनोद की पिटाई की थी। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद हो गई थी। अनिल ने बताया कि इस मामले की सीडी उन्होंने नोएडा पुलिस को सौंपी है।
11 नवंबर को केस नोएडा से ट्रांसफर होकर जांच विजयनगर आई थी। केस फिर से नोएडा ट्रांसफर कराने के लिए विनोद के भाई अनिल कुमार ने एसओ को प्रार्थनापत्र सौंपा है।
2007 तक रहे थे रॉ में
अनिल का दावा है कि उनका भाई विनोद जांच एजेंसी रॉ में फील्ड असिस्टेंट के पद पर दिल्ली में तैनात रहे थे। विनोद का चयन रॉ में सन् 1989 में हुआ था।
परिवार में एक सदस्य की सांप कांटने से हुई मौत के बाद विनोद बिना छुट्टी लिए गांव खेड़ी आ गए थे, जिसके बाद सन् 2007 में रॉ ने उन्हें टर्मिनेट कर दिया था।
इसके बाद खेडी गांव में ही स्वामी विवेकानंद महिला प्रशिक्षण संस्थान में विनोद महिलाओं और लड़कियों को सिलाई सिखाने का कार्य करने लगे थे।
सिलाई की मशीन खरीदने और रिपेयरिंग कराने के लिए वे अक्सर विजयनगर के गोशाला सिलाई की दुकानों पर आते थे।