फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'जज साहब! हमारे बीच झगड़ा हुआ, रेप नहीं'

विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली में फर्जी रेप के मामले थम नहीं रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में अदालत ने 13 वर्षीय लड़की से रेप के आरोपी को बरी कर दिया। लड़की अदालत में बयान से मुकर गई और कहा कि झगड़े के कारण उसने रेप का आरोप लगाया था। हकीकत में उसके साथ रेप नहीं हुआ।
विज्ञापन


तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार गुप्ता ने फैसले में कहा कि लड़की व भाभी बयानों से मुकर गई हैं। पीड़िता ने कहा कि आरोपी पड़ोसी है और उससे झगड़ा हो गया था। भाभी उसे थाने ले गई और रेप का मामला दर्ज करवा दिया।

अदालत ने कहा कि ऐसे में अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने में पूरी तरह से नाकाम रहा है। अत: वे आरोपी कालू को रेप, जान से मारने की धमकियां देने व पोस्को के आरोप से बरी करते हैं।
विज्ञापन


अभियोजन पक्ष के अनुसार, पश्चिमी दिल्ली निवासी लड़की ने 17 दिसंबर 2013 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी कालू उसे जबरन 1 दिसंबर को साथ ले गया और रेप करके अश्लील वीडियो बना लिया।

दुष्कर्म के आरोपी दोस्त को 10 वर्ष की कैद

अदालत ने विवाहिता से रेप के आरोपी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता के विश्वास को ही नहीं तोड़ा, बल्कि उसे धमकियां भी दीं।

तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बबेजा ने फैसले में सदर बाजार निवासी बिलाल कुरैशी को अपहरण, जान से मारने की धमकियां देने व बार-बार रेप करने के आरोप में 10 वर्ष की सजा के अलावा 7500 रुपये जुर्माना किया है।

अदालत ने दिल्ली कानूनी सहायता अथॉरिटी को रेप पीड़ित मुआवजा स्कीम के तहत मुआवजा भी देने को कहा है। अदालत ने कहा कि पीड़िता ने आरोपी को 50 हजार रुपये उधार दिए थे जिसे वापस नहीं किया गया।

आरोपी उसका दोस्त था इसी कारण बिना पति को बताए उसे पैसे उधार दिए, लेकिन आरोपी ने उसे पति को बताने की धमकी देकर संबंध बनाए व बार-बार ऐसा करता रहा।

छेड़छाड़ में फंसा ट्यूटर का पति

तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैल जैन ने नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में ट्यूटर के पति को राहत देने से इनकार कर दिया।

अदालत ने सोमवार को मध्य जिला स्थित सीता राम बाजार निवासी गौरी शंकर को मिली दो माह कैद व 5000 रुपये जुर्माने की सजा को बरकरार रखा। निचली अदालत ने 2013 में उसे सजा सुनाई थी। जमानत पर चल रहे गौरी शंकर ने निचली अदालत के फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी थी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक 30 मई 2012 की सुबह 11:00 बजे छात्रा अपनी ट्यूटर के घर पढ़ने गई थी, लेकिन ट्यूटर घर पर नहीं थी। इस दौरान ट्यूटर के पति गौरीशंकर ने छात्रा से छेड़छाड़ की।

सत्र अदालत ने सोमवार को निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि पेश तथ्यों से साबित होता है कि गौरीशंकर ने छात्रा से छेड़छाड़ की। कोर्ट ने दोषी के इस तर्क को खारिज कर दिया कि एफआईआर काफी देरी से दर्ज हुई थी। अदालत ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने से पहले पुलिस को शुरुआती जांच करने में भी समय लगता है।
विज्ञापन

गैंगरेप का आरोपी प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने डेढ़ वर्ष से फरार गैंगरेप के आरोपी प्रॉपर्टी डीलर को जयपुर से गिरफ्तार किया है। अदालत ने इसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक चांद के अनुसार, 2 मार्च, 13 को युवती ने शालीमार बाग थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह नौकरी के लिए प्रॉपर्टी डीलर गौरव तुली (31) के संपर्क में आई थी। आरोप है कि कुछ दिनों बाद गौरव ने नशीला पदार्थ पिलाकर उससे दुष्कर्म किया।

इसके बाद वह व उसके दो साथी कई महीनों तक दुष्कर्म करते रहे। आरोपियों ने उसे धमकी दी कि  अगर उसने पुलिस में शिकायत की तो वह दुष्कर्म के दौरान बनाई गई अश्लील फिल्म को सार्वजनिक कर देंगे।

मामला दर्ज करके शालीमार बाग थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था जबकि गौरव फरार था। इंस्पेक्टर कुलवीर व एसआई रितेश की टीम ने आरोपी को 21 सितंबर को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। मामला दर्ज होने के बाद वह यूपी, पंजाब व राजस्थान में छिपता रहा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें