डेनमार्क निवासी महिला से सामूहिक दुष्कर्म मामले में मृतक आरोपी के पोटेंसी जांच के मुद्दे पर डॉक्टरों की गवाही कराने से कोई मकसद हल नहीं होगा। यह दलील शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के विशेष लोक अभियोजक ने विशेष फास्ट ट्रैक अदालत में दी।
मामले में एक आरोपी की हिरासत के दौरान तिहाड़ जेल में मौत हो चुकी है। इसलिए पुलिस अब इनकी गवाही नहीं कराना चाहती। अदालत ने बचाव पक्ष की अर्जी पर फैसला सुनाने के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार द्वितीय के समक्ष अपनी दलीलें पेश करते हुए दिल्ली पुलिस के विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि मामले में एक आरोपी श्याम लाल उर्फ भजनी की तिहाड़ जेल में मौत हो चुकी है।
इसलिए उसकी पोटेंसी जांच करने वाले डॉक्टरों की गवाही का अब कोई मतलब नहीं है। मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता दिनेश शर्मा ने श्याम लाल की पोटेंसी जांच करने वाले डॉक्टरों को दोबारा गवाही के लिए बुलाने की अर्जी दायर की थी।