नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर रविवार को हुई घोड़ों की रेस मामले में थाना एक्सप्रेसवे पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करके एक घोड़ा भी जब्त कर लिया है। पुलिस ने रेस में शामिल तीन अन्य आरोपियों की भी पहचान कर ली है। सभी आरोपी दिल्ली के जामिया नगर के रहने वाले हैं। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
थाना एक्सप्रेसवे प्रभारी देवपाल सिंह पुंडीर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नई बस्ती जामिया नगर निवासी सादिक उर्फ पीला और बाटला हाउस जामिया नगर निवासी सलमान हैं। जब्त किया गया घोड़ा सादिक का है। वही उसे दौड़ा रहा था। इनके अलावा तीन अन्य आरोपियों में नई बस्ती निवासी परवेज, लाल स्कूल जामिया नगर निवासी अफरील और बाटला हाउस निवासी मुबारक हैं। दूसरा घोड़ा परवेज का है। उसे भी जब्त किया जाएगा।
दोनों आरोपी घोड़े के जरिये यमुना से रेत निकालने और सामान ढोने का काम करते हैं। घटना के दिन इन्होंने अपने साथियों की मौजूदगी में शर्त लगाकर रेस लगाई थी। शर्त के पैसों से आरोपियों को पार्टी करनी थी। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का भी प्रयास किया जा रहा है। ये भी जांच की जा रही है कि इनके साथ रेस लगवाने में और भी आरोपी शामिल थे या नहीं।
पुलिस को घोड़ों की फोटो से आरोपियों का सुराग मिला था। पुलिस घोड़ों की तलाश के लिए एक्सप्रेसवे किनारे के गांवों की पड़ताल कर रही थी। इसी दौरान उसे जामिया इलाके में भी घोड़े पले होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस वहां भी पैदल घूमकर और घोड़े की फोटो दिखा-दिखाकर आरोपियों तक पहुंची।
पैर घायल होने से उतर गया था दूसरा घोड़ा
पुलिस ने बताया कि घोड़ों की रेस शुरू होने के कुछ देर बाद ही परवेज के घोड़े का पैर घायल हो गया। उसका घोड़ा दौड़ने में असहज महसूस करने लगा था। इस वजह से परवेज ने उसे कुछ दूर बाद ही एक्सप्रेसवे से नीचे उतार लिया था। आरोपी पहले भी कई बार यमुना किनारे घोड़ों की रेस लगवा चुके हैं।