रियल स्टेट कारोबार से जुड़ी कंपनी पॉल डेवलपर के खिलाफ डीएलएफ फेज-टू थाने में बुधवार को धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए हैं।
दोनों मामलों में कंपनी अधिकारियों पर फ्लैट देने के नाम पर लाखों की रकम हड़पने का आरोप है। पहला मामला वाटिका सिटी निवासी कनिका हसरत की शिकायत पर दर्ज किया गया।
कनिका ने पुलिस को बताया कि एक जनवरी 2009 को उसने आठ लाख रुपये जमाकर फ्लैट बुक कराया था। उस वक्त उसे बताया गया था कि सोसायटी में बन रहे फ्लैट पर दो साल में कब्जा दे दिया जाएगा।
बुकिंग के बाद भी उससे रकम ली गई। लेकिन फ्लैट अभी तक नहीं मिला। कंपनी अधिकारियों से संपर्क करने पर सही जवाब नहीं दिया जाता।
इसी थाने में दूसरा मामला सन सिटी निवासी राजपाल निवासी सेक्टर-54 की शिकायत पर दर्ज हुआ है। राजपाल ने आरोप लगाया कि फ्लैट देने के नाम पर पाल डेवलपर कंपनी के अधिकारियों और उनकी सहयोगी एक कंपनी के एमडी हरीश गाबा ने उससे लाखों की रकम ऐंठ ली।
राजपाल ने पुलिस को बताया कि उसने हरीश के माध्यम से 16 लाख की रकम अग्रिम धनराशि देकर 09 जून 2010 को फ्लैट बुक कराया था।
न फ्लैट उसे मिला और न ही रकम वापस की गई। गौरतलब है कि कंपनी प्रबंधन पर पहले भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए हैं।