हजरत निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जाने को चली शनिवार चली दूरंतो एक्सप्रेस ट्रेन में बदमाशों ने लूट के इरादे से चाकू से हमला कर दिया। वेंडर से बहादुरी से मुकाबला किया तो बदमाश भागने को मजबूर हो गए। वारदात की वजह से ट्रेन को ओल्ड फरीदाबाद स्टेशन पर रोका गया और घायल वेंडर को बीके सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दे उसे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया।
हजरत निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जाने वाली दूरंतो एक्सप्रेस शनिवार रात अपने निर्धारित समय 9:35 पर रवाना हुई थी। ट्रेन जब फरीदाबाद की सीमा में चल कर गंदे नाले के पास पहुंची कि एस-7 कोच में कुछ बदमाशों ने पेंट्री कार वेंडर नसीम खान पर चाकू से हमला कर दिया। बदमाशों ने उसे दोनों हाथों की कोहनियों में चाकू से बार किए। जिससे काफी खून बहने लगा और नसीम खान ने बदमाशों का फिर भी डट कर मुकाबला किया। इस दौरान ट्रेन की गति धीमी हुई तो बदमाश कोच से उतर कर फरार हो गए।
जख्मी नसीम खान से पेंट्री कार के मैनेजर संजय प्रसाद को घटना की जानकारी दी और इसके बाद रेलवे के आला अधिकारियों को इस संबंध में बताया गया। ट्रेन को फरीदाबाद में प्लेट फार्म नंबर एक पर रोका गया। ट्रेन के रुकते ही जीआरपी, आरपीएफ, स्टेशन स्टाफ व डॉक्टर मौके पर पहुंचे। जख्मी नसीम खान को बीके हॉस्पिटल लाया गया। यहां उसे दाखिल कर इलाज किया गया। हालत गंभीर होने पर सफदरजंग हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। ऐसी चर्चा भी रही कि कोच में दो यात्रियों से मोबाइल चोरी हुए है, लेकिन इसकी सूचना पुलिस को नहीं मिली है।
पैसों के लेने देन को लेकर या फिर मोबाइल चोरी करने के दौरान देख लेने पर विरोध के चलते नसीम खान पर हमला किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस संबंध में जीआरपी के एसआई डुंगर सिंह ने बताया कि वेंडर पर किन लोगों ने हमला किया और क्या वजह रही इसकी जांच की जा रही है। ट्रेन में मोबाइल फोन चोरी होने जैसी कोई शिकायत या सूचना नही मिली है, नसीम का बयान लेने का प्रयास किया जा रहा है, उसके आधार पर ही केस दर्ज किया जाएगा।