गुड़गांव में ढाई साल पहले बसई चौक के पास दस वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के आदेश के बाद गुड़गांव पुलिस ने मामला दर्ज किया है। साथ्ा ही बच्ची का 164 के तहत बयान भी दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, घटना ढाई साल पहले 2011 की बताई जा रही है। यूपी के बांदा जिला निवासी परिवार बसई चौक स्थित झुग्गी झोंपड़ियों में रहता था।
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परिजनों का आरोप है कि अस्त 2011 में उसके पड़ोस में रहने वाले आरोपी राजू ने उनकी दस वर्षीय बच्ची के साथ रेप किया। वह इतनी डर गई कि उसने किसी को कुछ नहीं बताया, इस दौरान उसकी तबियत बिगड़ने से उसे अपने घर इलाज के लिए ले गए।
बच्ची के चाचा ने बताया कि बांगा सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसके साथ दुष्कर्म की बात का खुलासा किया इसके बाद बच्ची ने पूरी घटना बताई।
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यूपी में मीडिया में बात सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी पड़ताल शुरू की। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान गुड़गांव पुलिस को भी सूचना दी गई लेकिन उन्होंने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
मानवाधिकार आयोग के सामने मामला आने के बाद उन्होंने बुधवार को गुड़गांव पुलिस को मामले की जांच के लिए आदेश दिए जिसके बाद सेक्टर-10ए थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने परिजनों के आरोप पर राजू नाम के व्यक्ति को नामजद किया है। गुड़गांव में मजिस्ट्रेट के सामने बच्ची का बयान दर्ज किया।
हालांकि ढाई साल पहले जिस जगह वारदात हुई थी, वहां अब झुग्गी झोपड़ियां नहीं है। इसलिए पुलिस को जांच करने में थोड़ी दिक्कत हो रही है।