दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर स्थित दुर्गा बिल्डर क्षेत्र में तीन लड़कों ने रोहित (16) को लात घूसों से पीट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। दिल्ली और फरीदाबाद की पुलिस एक दूसरे का क्षेत्र बताकर शव को उठाने से इनकार करती रही। आला अधिकारियों को जानकारी हुई तो पल्ला चौकी पुलिस को कार्रवाई करने का आदेश दिया।
पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली के मोलड़बंद में रहने वाले अशोक कुमार का बेटा रोहित 10 दिन पहले हींग की डिब्बी खरीदने पड़ोस में स्थित खेमचंद की परचून की दुकान पर गया था। अशोक कुमार का आरोप है कि खेमचंद डिब्बी में प्रिंट 15 रुपयों के बजाय 20 रुपये मांग रहा था। इस पर रोहित ने दुकानदार के साथ बदसलूकी की थी।
खेमचंद ने भी रोहित को देख लेने की धमकी दी थी। अशोक ने बताया कि सोमवार शाम खेमचंद के बेटे गौरव और विक्की अपने दोस्त दीपक के साथ उनके मोहल्ले में आए थे। उनका आरोप है कि तीनों रोहित को बहला-फुसला कर अपने साथ दुर्गा बिल्डर के क्षेत्र में ले गए।
वहां पर तीनों ने रोहित को लात घूसों से इतना पीटा कि वह अचेत होकर गिर पड़ा। जब उन्हें सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचे और बेटे को उठा कर अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया था। पल्ला चौकी इंचार्ज ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
कार्रवाई से निडर है मातहत
लूट को चोरी में दर्ज करने और चोरी की रिपोर्ट नहीं लिखने पर पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी ने सोमवार को ही सराय ख्वाजा एसएचओ इंस्पेक्टर सुनील, मुंशी वजीर और एएसआई को निलंबित किया था। पुलिस आयुक्त एक तरफ आदेश जारी कर रहे थे वहीं पल्ला पुलिस पीड़ितों को टरकाने में लगी थी।
अशोक कुमार का आरोप है कि पुलिस ने चार घंटे तक कोई सुनवाई नहीं की। हत्या के बाद शव चार घंटे तक पड़ा रहा लेकिन पुलिस दिल्ली का मामला बताकर टालती रही। पुलिस आयुक्त तक बात पहुंची तो उन्होंने शव कब्जे में लेने और कार्रवाई के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने शिकायत की तो कार्रवाई की जाएगी।