कोर्ट परिसर में गोलियों से छलनी किए गए जीतराम उर्फ जीता ने भौंडसी जेल में रहने के दौरान कुछ बंदियों को यातनाएं दी थी।
उनके साथ मारपीट करने के साथ ही उनसे अपने झूठे बर्तन तक साफ करवाए थे। इसी रंजिश के कारण ही जोहड़ी सांपका निवासी नरेश व मुंडनवास कमालपुर निवासी हवा सिंह ने जीता को ठिकाने लगाने योजना बनाई थी।
पुलिस अधीक्षक पंकज नैन के अनुसार इनका जीता गुर्जर के साथ जेल में ही किसी बात पर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद जीता ने इनकी पिटाई कर दी थी।
कुछ समय पहले ही नरेश व हवा सिंह जेल से छूटे थे। इसके बाद जीता ने इन दोनों से एक लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
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जेल में यातनाएं झेलने के बाद जेल के बाहर भी चैन से नहीं जीने देने के कारण नरेश व हवा सिंह ने जीता को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, जिसे मंगलवार को अंजाम दिया गया।
एसपी के मुताबिक आरोपियों के दो अन्य साथी मौके से फरार हो गए जोकि गांव खिजूरी निवासी प्रदीप व कमल हैं, ये दोनों गोली चलाने में शामिल नहीं थे।