मुंबई क्राइम ब्रांच ने फोन के जरिए ठगी करने के आरोप में चार युवक को शुक्रवार सुबह न्याय खंड-2 स्थित एक सोसायटी से हिरासत में लिया है।
पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया गया, जबकि बाकी दो को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर मुंबई के करीब सौ लोगों से नौकरी दिलाने और बैंक कर्मी बनकर लाखों रुपये ठगने का आरोप है। इनके पास से लैपटॉप और मोबाइल बरामद हुए हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राजीव सावंत के नेतृत्व में शुक्रवार को छह सदस्यीय टीम मामले की जांच के लिए हॉट सिटी पहुंची थी। क्राइम ब्रांच की टीम को सर्विलांस से बदमाशों की लोकेशन मिली थी।
मुंबई पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर न्यायखंड-2 स्थित आम्रपाली विलेज सोसायटी के एक फ्लैट में दबिश दी और चार युवकों को हिरासत में लेकर थाना इंदिरापुरम पहुंची।
क्राइम ब्रांच ने चारों युवकों से कई घंटे पूछताछ की। इसके बाद दो युवकों को जाने दिया गया, जबकि रिहान और विवेक निवासी इंदिरापुरम को गिरफ्तार कर गाजियाबाद कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस मुंबई ले गई।
इंदिरापुरम थाना प्रभारी गोरखनाथ यादव ने बताया कि आरोपी फोन पर ठगी करने के अलावा युवतियों को शादी का झांसा देकर भी ठगी कर चुके हैं।
इनके परिवार को भी इसकी जानकारी नहीं थी। इन्होंने परिजनों को बताया था कि वे एक प्राइवेट कंसलटेंट कंपनी में काम करते हैं।
धोखे से डेबिट-क्रेेडिट कार्ड की लेते थे डिटेल
दोनों ने किराए पर फ्लैट ले रखा था। खुद को बैंक कर्मी बताकर फोन पर लोगों के डेबिट और केडिट कार्ड की डिटेल ले लेते थे।
इसके बाद ऑनलाइन शॉपिंग करते थे। साथ ही प्लेसमेंट कंसलटेंट बनकर बेरोजगार युवाओं से फर्जी एकाउंट में रजिस्ट्रेशन की रकम डलवाते थे।
सीए और बीटेक की पढ़ाई कर चुके हैं दोनों
दोनों आरोपी काफी पढ़े लिखे थे। जल्द पैसा कमाने के लालच में उन्होंने ठगी का रास्ता अपनाया था। विवेक ने सीए की पढ़ाई पूरी की है, जबकि रिहान बीटेक कर चुका था। दोनों फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं और लोगों को आसानी से अपनी बातों में फंसा लेते थे।