फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मर्सिडीज चला रहे नाबालिग ने किया समर्पण, पिता और ड्राइवर को बेल

Mon, 11 Apr 2016 05:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में कार चला रहे नाबालिग ने अदालत में समर्पण कर दिया और जमानत मांगी।  उस पर आरोप है कि लापरवाही से कार चलाते हुए 4 अप्रैल की रात एक युवक सिद्धार्थ शर्मा को कुचल दिया। हादसे में सिद्धार्थ की मौत हो गई।
विज्ञापन


फिलहाल, अदालत ने पुलिस को आरोपी नाबालिग को बाल अदालत  (जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड) के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, नाबालिग के पिता और ड्राइवर को जमानत प्रदान कर दी है।

अदालत ने अग्रवाल की जमानत एक लाख रुपये के निजी मुचलके व एक अन्य जमानती बांड के आधार पर मंजूर कर ली। वहीं ड्राइवर को भी पांच हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व इतनी ही राशि की एक अन्य जमानत राशि पर जमानत दे दी गई। बता दें कि पुलिस ने हिट एंड रन मामले में नाबालिग के पिता को भी आरोपी बनाया है।
विज्ञापन

मुवक्किल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला कैसे बना

मृतक - फोटो : अमर उजाला
अग्रवाल की रिमांड अवधि खत्म होने पर उन्हें और उनके ड्राइवर संजू को तीस हजारी अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट मनु वेदवान के समक्ष पेश किया गया। जांच अधिकारी ने दोनों को एक दिन का रिमांड मांग की।

तर्क दिया कि अग्रवाल से उसके बेटे के सामने बैठाकर पूछताछ नहीं हो पाई है।  दूसरी तरफ, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल की गिरफ्तारी को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि उनके मुवक्किल ने अपने बेटे को कार चलाने से नहीं रोका।

घटना के समय उनका मुवक्किल घर पर ही नहीं था और कार की चाबी हमेशा घर पर ही रहती है। ऐसे में उनके मुवक्किल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला कैसे बन गया।
विज्ञापन

नाबालिग ने अदालत के समक्ष समर्पण कर बताया कि वह फरार नहीं है

किसी अन्य के द्वारा किए गए अपराध के लिए उनके मुवक्किल को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ऐसे में उनकी जमानत मंजूर की जाए। वहीं, ड्राइवर संजू के खिलाफ पुलिस ने धारा 193 के तहत मामला दर्ज किया है, जो जमानतीय अपराध है।

ऐसे में उसकी भी जमानत स्वीकार की जाए। बता दें कि पुलिस ने डमी ड्राइवर के रूप में थाने पहुंचे  कुलदीप उर्फ संजू को झूठी जानकारी देने के आरोप में रविवार को उसके घर से गिरफ्तार किया है।

दूसरी ओर, नाबालिग ने अदालत के समक्ष समर्पण कर बताया कि वह फरार नहीं है। उसने अदालत से जमानत प्रदान करने का आग्रह किया। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी नाबालिग है। इस अदालत को जमानत पर सुनवाई का अधिकार नहीं है। अदालत ने उनके तर्क को स्वीकार कर निर्देश दिया कि नाबालिग को बाल अदालत के समक्ष पेश किया जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें