मर्सिडीज हिट एंड रन मामले को सत्र अदालत सुनवाई के लिए वापस जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) नहीं भेज सकती। जेजेबी के फैसले से संतुष्ट न होने की स्थिति में सत्र अदालत खुद इस मामले को सुन सकती है।
अभियोजन पक्ष ने यह दलील शनिवार को मामले में संक्षिप्त सुनवाई में दी। दूसरी ओर बचाव पक्ष ने चार्जशीट के साथ पेश कई दस्तावेज न मिलने व स्पष्ट न होने की बात कही है। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी अपने माता-पिता के साथ कोर्ट रूम में मौजूद था।
अदालत ने आरोपी को यह दस्तावेज देने का निर्देश जांच अधिकारी को दिया है। केस की अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय की गई है। तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विमल कुमार यादव के समक्ष बचाव पक्ष के वकील राजीव मोहन ने कहा कि उनके मुवक्किल की याचिका पर सुनवाई भी आरोपों पर बहस के साथ ही होनी चाहिए।
विशेष लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने इसके जवाब में कहा कि जेजेबी एक्ट 2015 में हुए संशोधन के मुताबिक सत्र अदालत इस मामले को वापस जेजेबी नहीं भेज सकती।