फतेहपुरबेरी के असोला गांव में बच्चों के बीच शुरू हुआ झगड़ा शुक्रवार को दो समुदायों के बीच खूनी झड़प में बदल गया। दोनों वर्गों की तरफ से जमकर पत्थरबाजी हुई और बोतलें फेंकी गई।
इस बवाल में पांच पुलिसकर्मी समेत करीब 10 लोग घायल हो गए। हालांकि, पुलिस ने मौकेपर पहुंचकर स्थिति को समय से संभाल लिया था। शनिवार रात तक असोला गांव में तनाव रहने के कारण गांव व आसपास पुलिसकर्मी समेत भारी संख्या में सीआरपीएफ को तैनात कर दिया गया।
दक्षिण जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि फतेहपुरबेरी थाना पुलिस में दंगा भड़काने का मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दोनों समुदायों के करीब 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं कुछ नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया था, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, असोला गांव में दो समुदाय के लोग काफी मात्रा में रहते हैं।
पत्थरबाजी में पुलिस समेत घायल हुए कई लोग
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- फोटो : अमर उजाला
इनके बीच मामूली बात को लेकर तनाव हो गया था। पुलिस ने संपर्क सभा कर दोनों समुदायों के बीच समझौता कर दिया था। इससे वे मान गए थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम को दो समुदाय के कुछ युवक आपस में बैठकर शराब पी रहे थे।
इस दौरान झगड़ा हो गया। पहले तो ये झगड़ा दो परिवारों की लड़ाई का कारण बन गया और रात 11 बजे तक ये दो समुदायों की नाक की लड़ाई बन गई। इसके बाद दोनों की तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई और बोतलें फेंकी गई।
इसके बाद आगजनी का प्रयास किया गया। समय रहते हुए पुलिस को सूचना मिल गई थी और तुरंत मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस के पहुंचने पर भी पत्थरबाजी बंद नहीं हुई थी। इसके बाद और फोर्स को मौके पर बुलाया गया था।
पत्थरबाजी में पांच पुलिसकर्मी समेत करीब 10 लोग घायल हो गए थे। घायल लोगों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नुपूर प्रसाद ने असोला गांव में धारा 144 लगाने की बात से इनकार किया है।