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लेन-देन के विवाद में किया था मैनेजर का अपहरण, पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बरामद कीं दो कारें

Sat, 27 Apr 2019 06:31 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जानकारी देते एसएसपी अजय पाल शर्मा - फोटो : अमर उजाला
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फेज-थ्री कोतवाली क्षेत्र के  सेक्टर-63 स्थित कॉल सेंटर से मैनेजर परितोष का अपहरण फिरौती के लिए नहीं, बल्कि पैसे के लेन-देन को लेकर किया गया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात पर्थला गोल चक्कर के पास से अपहरण के 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 2 कारें बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, एक कॉल सेंटर से 25 हजार डॉलर खाते में डालने के एवज में परितोष की कंपनी ने 10 लाख रुपये का कमीशन नहीं दिया था। ये पैसे निकलवाने के लिए ही उसका अपहरण किया गया।

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एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि सेक्टर-63 के डी-242 में मेट्रो इंफोसुलेशन प्रा.लि. कॉल सेंटर है। कोलकाता स्थित एक कॉल सेंटर को यूएसए से 25 हजार डॉलर मिले थे। वह कंपनी यूएसए में खाता न होने के कारण इस रकम को ट्रांसफर नहीं करा पा रही थी। इसके लिए अरुण यादव ने यूएसए में फर्जी खाता उपलब्ध कराया था। इसे आकाश के कहने पर किया गया था। इस कंपनी को साहिल वर्मा, वैभव सिंघल समेत 4 लोग संचालित कर रहे थे।

उसी में आकाश भी काम करता है। कुछ साल पहले आकाश भी अरुण यादव के  सेक्टर-63 में डी-242 में स्थित दूसरे कॉल सेंटर टेक एलायंस साल्यूशन में ही काम करता था। 25 हजार डॉलर अपने खाते में डलवाने के बाद आकाश और उसके साथी कमीशन नहीं दे रहे थे। कमीशन के 10 लाख रुपये नहीं मिलने से अरुण गुस्सा था। 18 अप्रैल की रात वह 10-15 दोस्तों के साथ सेक्टर-63 के कॉल सेंटर पहुंचा। वहां पता चला कि पैसे उनकी दिल्ली की दूसरी शाखा में हैं और वहां से आकाश के मैनेजर परितोष ही रुपये दिला सकते हैं। इसलिए अरुण यादव ने साथियों संग आकाश को छोड़कर उसका अपहरण कर लिया। वे उसे दिल्ली ले जा रहे थे, मगर पुलिस ने पीछा किया तो रास्ते में छोड़कर भाग गए।
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ज्यादातर आरोपी एनसीआर के ही निवासी

एसएसपी ने बताया कि कोतवाली फेज-थर्ड पुलिस और स्टार एक व दो टीम ने मिलकर अपहर्ताओं को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी गाजियाबाद के मसूरी स्थित रघुनाथपुर निवासी अरुण यादव है। वह गाजियाबाद के गोविंदपुरम में रहता है और एमबीए पास है। दूसरा आरोपी गाजियाबाद के इंद्रगढ़ी निवासी सूर्या बीए पास है। तीसरा आरोपी बागपत के खैला गांव निवासी सुनील तंवर 12वीं पास है। चौथा आरोपी विपिन भाटी गढ़ी शहदरा गौतमबुद्ध नगर का निवासी है। फरार आरोपी बागपत के खैला गांव निवासी अंकित गुर्जर, वाराणसी निवासी अंकित सिंह, मुरादनगर के सैंथली निवासी विक्की पहलवान, दिल्ली के आया नगर निवासी टीटू और दिल्ली विनोद नगर निवासी जितेंद्र तंवर समेत 5-6 अज्ञात हैं। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अरुण यादव, अंकित गुर्जर और सूर्या हैं।

कॉल सेंटर में घाटे के बाद बदलने लगे डॉलर
फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई के दौरान अरुण यादव ने अपना कॉल सेंटर बंद कर दिया था। मामला शांत होने के बाद उसने फिर से काम शुरू किया, पर वह चल नहीं पाया और उसे घाटा हो गया। इसी बीच डॉलर बदलने का काम मिल गया तो उसमें लग गए। 18 अप्रैल की रात कुछ साथियों को रुपये देने का लालच देकर अरुण अपने साथ लाया था। कुछ दोस्ती के चलते साथ आए थे। 18 अप्रैल को वे आकाश के कॉल सेंटर पर पहुंचे और रुपये देने का दबाव बनाया। उसने बताया कि दिल्ली में ही रुपये की व्यवस्था हो सकती है। इसलिए उसके मैनेजर परितोष को कार में दिल्ली ले जा रहे थे।

वादी पक्ष का भी हो सकता है फर्जी कॉल सेंटर
वादी पक्ष जो कॉल सेंटर चला रहा है, वह भी पुलिस की अब तक की जांच में संदेह के घेरे में है। कुछ साक्ष्य नहीं मिले तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को इसके फर्जी कॉल सेंटर होने का शक है।

सीओ और टीम को पुरस्कृत किया
एसएसपी वैभव कृष्ण और एसपी सिटी सुधा सिंह (आईपीएस) ने बताया कि परितोष अपहरण कांड में सीओ पीयूष कुमार को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। दोनों अफसरों नेस्टार-वन टीम के प्रभारी धर्मेंद शर्मा और टीम को 5 हजार रुपये का नकद इनाम दिया।
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