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पुलिस लूटकांड: 30 घंटे की रिमांड में तीनों आरोपियों से एसटीएफ को नहीं मिला एक भी सबूत

Fri, 26 Apr 2019 10:22 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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आईजी गढ़वाल की सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल कर प्रॉपर्टी डीलर से नोटों से भरा बैग लूटने के आरोपियों को 30 घंटे रिमांड पर रखकर भी एसटीएफ कुछ हासिल नहीं कर पाई। शुक्रवार को आरोपियों को डब्ल्यूआईसी क्लब ले जाया गया, जहां घटना को दोहराया गया। इसके बाद शाम चार बजे उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को शाम साढ़े पांच बजे सुद्धोवाला जेल में दाखिल करा दिया गया।

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शुक्रवार को पुलिस कस्टडी रिमांड का दूसरा दिन था। एसटीएफ सुबह 11 बजे चारों आरोपियों को लेकर डब्ल्यूआईसी रेस्टोरेंट पहुंची। यहां उन्हें बैठाकर पूछताछ की गई। एसटीएफ ने डब्ल्यूआईसी के स्टाफ से भी पूछताछ की। लेकिन, इसमें भी पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा। जिस जगह की घटना बताई गई, वहां भी एसटीएफ इन आरोपियों को लेकर पहुंची।
 

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तमाम पूछताछ के बावजूद 30 घंटे की यह रिमांड बेनतीजा रही। एएसपी एसटीएफ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि आरोपियों से कोई बरामदगी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि टीम देहरादून में ही जांच कर रही है। चूंकि, घटनाक्रम शहर का ही है लिहाजा शहर से बाहर कोई टीम नहीं गई थी। 

क्या था मामला 
चुनाव सर्विलांस टीम बनकर एलआईयू दरोगा दिनेश नेगी, कांस्टेबल मनोज अधिकारी और हिमांशु उपाध्याय पर प्रॉपर्टी डीलर अनुरोध पंवार से चार अप्रैल की रात राजपुर रोड पर रुपए से भरा बैग लूटने का आरोप है। घटना की रात पीड़ित को मुकदमे में आरोपी कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा ने राजपुर रोड स्थित डब्ल्यूआईसी क्लब बुलाया था। वहां से वह बैग लेकर कार से निकले तो मधुबन होटल के पास उन्हें आईजी अजय रौतेला की सरकारी गाड़ी में सवार दरोगा दिनेश नेगी और दोनों सिपाहियों ने उन्हें रोक लिया।
 
आईजी की गाड़ी में बैठे दरोगा दिनेश नेगी को आईएएस अधिकारी बताया गया और आरोपियों ने पीड़ित को आचार संहिता का भय दिखाकर बैग लूट लिया था। पीड़ित का कहना है कि बैग में उन्हें अनुपम शर्मा ने प्रॉपर्टी की डील की पेमेंट दी थी।
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