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लखनऊ शताब्दी में ‘बम’, अफसरों में मचा हड़कंप

Mon, 04 Jan 2016 12:34 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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बम की सूचना पर नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी को रविवार सुबह सात बजे आनन-फानन में गाजियाबाद स्टेशन पर रोक कर चेकिंग की गई। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस समेत बम एवं डॉग स्क्वाएड ने उसे घेर लिया।
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यात्रियों को कोच से उतारकर चार डॉग स्क्वाएड और बम स्क्वाएड ने दो घंटे तक  ट्रेन के एक-एक  कोच को खंगाला। करीब दो घंटे की जांच के बाद भी बम नहीं मिला तो यात्रियों और रेलवे अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

सुबह 9 बजे ट्रेन को लखनऊ के लिए रवाना किया गया।  उधर खुर्जा में भी जंक्शन स्टेशन पर ट्रेनों में चेकिंग में की गई।

रविवार को मुंबई एटीएस को मिले ई-मेल के जरिए दिल्ली-कानपुर रूट की ट्रेनों में बम धमाके की धमकी दी गई है। ई-मेल मिलते ही दिल्ली में आरपीएफ-जीआरपी को अलर्ट कर ट्रेनों की चेकिंग के निर्देश दिए गए।
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तब तक नई दिल्ली स्टेशन से लखनऊ शताब्दी रवाना हो चुकी थी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक तत्काल दिल्ली से गाजियाबाद आरपीएफ और जीआरपी को लखनऊ शताब्दी को चेक कराने का मैसेज मिला।

सुबह 6:58 बजे इस ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर-2 पर रोक लिया गया और सभी यात्रियों को ट्रेन से उतार दिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर आरके कनौजिया, जीआरपी इंस्पेक्टर राशिद अली, घंटाघर कोतवाली इंस्पेक्टर धीरेंद्र यादव फोर्स के साथ पहुंचे और एक-एक कोच को खंगालना शुरू किया।

यात्रियों के बैगों की तलाशी ली गई। डॉग और बम स्क्वाएड ने ट्रेन की सीटों से लेकर डस्टबिन टॉयलेट्स खंगाले, लेकिन बम या अन्य कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। तलाशी पूरी होने के बाद 8:58 बजे ट्रेन को लखनऊ के लिए रवाना किया गया।

आनंद विहार-जोगबनी में चेकिंग
आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली-कानपुर रूट पर जाने वाली ट्रेनों में बम विस्फोट के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। ऐसे में इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

आरपीफ इंस्पेक्टर आरके कनौजिया ने बताया कि शाम को आनंद विहार-जोगबनी एक्सप्रेस को प्लेटफार्म नंबर-2 पर रोककर चेकिंग कराई गई।

सुरक्षा बढ़ाने के दिए निर्देश
शताब्दी में बम की सूचना पर दिल्ली से आरपीएफ के डीआईजी एस. मयंक गाजियाबाद पहुंचे। हालांकि तब तक ट्रेन रवाना हो चुकी थी। डीआईजी ने अफसरों को सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए।

बम की सूचना पर जैसे ही ट्रेन रुकी उनकी सांसें फूल गईं। ट्रेन में सामान छोड़ यात्री प्लेटफार्म की ओर दौड़े और दूर खड़े हो गए। लोग परिजनों को अपने बारे में फोन से सूचना देने लगे।
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