गुड़गांव के सिटी थाना क्षेत्र में एक मासूम बच्ची का बलि देने के लिए अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने दो दिन पहले छह माह की बच्ची को अगवा किया था और उसे दिल्ली ले गया था। वह अंधविश्वास के चलते उसकी बलि देने वाला था।
पुलिस को ऐनवक्त पर मिली सूचना के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। इस मामले में किसी बड़े गिरोह की आशंका को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है।
घटना 20 सितंबर की है। पटौदी रोड स्थित झुग्गी झोंपड़ी में रहने वाले शिव कुमार की छह वर्षीय बेटी अपनी छह माह की बहन कशिश और दोस्तों के साथ चारदीवारी के पास खेल रही थी।
बच्चों पर ऐसे फैलाया अपना जाल
रात करीब साढ़े आठ बजे आरोपी युवक वहां पहुंचा और बच्चों को आइसक्रीम दिलाने के बहाने चौक पर ले आया। वह आइसक्रीम, टॉफी दिलाकर छह माह की कशिश को लेकर फरार हो गया। परिजनों को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने बच्ची को काफी खोजा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा।
पुलिस को सूचना देने के बाद सिटी थाना पुलिस ने देररात आरोपी को दिल्ली पांडव नगर स्थित झु़ग्गी झोंपड़ी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान बबलू (35) के रुप में हुई है जो गुड़गांव में मजदूरी का काम करता था।
सब इंस्पेक्टर बुद्धिप्रकाश ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह बच्ची की बलि देने के लिए अपहरण किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने परिजनों को बच्ची सौंप दी। सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
ऐसे हुआ खुलासा, सच जानकर कांप जाएंगी रूह
दिल्ली के पांडव नगर के पास स्थित झुग्गी झोपड़ी में आरोपी मासूम को लेकर पहुंचा तो वह काफी रो रही थी। आस-पड़ोस के लोगों ने जब बच्ची के बारे में पूछा तो उसने बताया कि गुड़गांव में उसकी बीवी रहती है। उसके साथ झगड़ा होने पर वह बच्ची को लेकर यहां आ गया।
बच्ची के लगातार रोने पर आस-पड़ोस के लोगों ने दिल्ली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच जब युवक से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी बात उगल दी। उसने बताया कि उसकी शादी न हो पाने की वजह से किसी ने उसे बच्चे की बलि देने के लिए कहा था।
इसी के चलते उसने यह कदम उठाया है। इस खुलासे के बाद गुड़गांव पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी शराबी प्रवृति का है जो इधर-उधर काम करके गुजारा चला रहा था।