नोएडा में वकील संजय टाइगर की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। हत्या के आरोप में एक महिला संध्या और उसके प्रेमी अवनीश को गिरफ्तार किया गया है। महिला का एक अन्य कथित प्रेमी अशोक फरार चल रहा है। रविवार सुबह क्राइम ब्रांच की सर्विलांस टीम की सूचना पर फेस-टू थाना पुलिस ने संध्या मूल निवासी कादलपुर, दनकौर और उसके प्रेमी अवनीश निवासी ग्राम ककराला, फेस टू मूल निवासी कलान जिला शाहजहांपुर को सुबह साढ़े आठ बजे गिरफ्तार किया।
संध्या नगला चरणदास के राजेंद्र चौधरी के मकान में किराए रहती थी। संध्या का पति जगदीश करीब पांच साल पहले उसे छोड़ चुका है। घर से संजीव के जूते और मोबाइल बरामद हुआ है। इस मामले का एक अन्य आरोपी अशोक निवासी कुलेसरा फरार है। उसे भी कथित तौर पर संध्या का प्रेमी बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों प्रेमियों को वकील संजय का संध्या के घर आना-जाना पसंद नहीं था और इसीलिए तीनों ने बृहस्पतिवार को संजय की हत्या कर दी।
घर बुलाया फिर चाकुओं से गोद डाला
बताया जा रहा है कि वकील संजय टाइगर संध्या के बहनोई और कुछ जानने वालों के मामलों की पैरवी कर रहे थे। संध्या वकील से मिलने उनके बस्ते पर जाती थी और संजय का आना-जाना भी संध्या के घर होता था। उधर, अवनीश और अशोक इस बात से नाराज थे।
जिसके चलते संध्या ने बृहस्पतिवार को शाम 6.30 बजे संध्या ने संजय को बातचीत के लिए घर बुलाया। रात करीब 9.15 बजे संजय संध्या के घर पहुंचे। इसके बाद 9.40 पर संध्या ने अवनीश और अशोक को भी फोनकर बुला लिया। दोनों के आते ही झगड़ा शुरू हो गया। इसके बाद संध्या ने संजय को पकड़ लिया।
अवनीश और अशोक ने एक ही चाकू से संजय पर कई वार किए। बताया जा रहा है कि कत्ल के बाद संध्या ने घर की सफाई की। रात करीब डेढ़ बजे संजय का शव उन्हीं की सेंट्रो कार में डालकर होजरी कांप्लेक्स स्थित सी-40 इंडस्ट्री के सामने छोड़ गए।
गले नहीं उतर रही पुलिस की थ्योरी
पुलिस के मुताबिक अशोक और अवनीश ने कत्ल इसलिए किया कि संजय का संध्या के घर आना-जाना था। जिसके बाद दोनों के मन में पनपे शक ने इस हत्याकांड को जन्म दिया।
ऐसे में ये सवाल भी उठता है कि अगर संध्या और संजय की दोस्ती गहरी थी तो फिर संध्या ने अशोक और अवनीश का साथ क्यों दिया। और, अगर संजय व संध्या के बीच किसी तरह की करीबी नहीं थी तो फिर आखिर किस बात पर संजय की हत्या की गई।