गाजियाबाद के मुरादनगर इलाके स्थित शीतलपुरी कॉलोनी से एक जनवरी से अपहृत युवक मनीष की सहबिस्वा कॉलोनी स्थित गंदे नाले से बोरे में बंद लाश मिली है। उसकी गला रेतकर बेरहमी से हत्या की गई है।
लाश गली सड़ी अवस्था में होने के कारण पुलिस का मानना है कि नाले में लाश कई दिन पहले डाली गई होगी। मामले में मृतक के भाई ने 7 जनवरी को गुमशुदगी और 8 जनवरी को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में मनीष के तीन दोस्तों को नामजद कराया गया था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज पुलिस जांच कर रही है। शीतलपुरी कॉलोनी में मनीष (35) पुत्र होराम परिवार सहित रहता था। उसके परिवार में पत्नी काजल, भाई आशीष और बहन कविता, पूनम, रीतू, बॉबी, ज्योति और संगीता हैं।
सभी बहनों की शादी हो चुकी है। मनीष टावर लगाने का काम करता है। वह एक जनवरी से लापता था। सात जनवरी को पत्नी काजल ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और बाद में 8 जनवरी को भाई आशीष ने कालोनी निवासी निक्की, संजू प्रीत विहार और किरणपाल बंदीपुर के विरुद्ध अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रविवार सुबह सहबिस्वा कॉलोनी के गंदे नाले में मनीष की बोरे में बंद लाश मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नाले से निकाला और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
चार माह में ही उजड़ गया सुहाग
मनीष की चार माह पहले ही हापुड़ निवासी काजल से शादी हुई थी। पति की हत्या की सूचना पर काजल सुधबुध खो बैठी है। शव की शिनाख्त करने पहुंचा भाई आशीष लाश देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ा।