चार दिन से अगवा छात्र आमिर मलिक (17) की हत्या की जा चुकी है। उसकी लाश बागपत में ढिकौली के रजवाहे में मिली है। शव रविवार को ही वहां मिल गया था, जिसकी शिनाख्त मंगलवार को हुई।
आमिर 30 मई से लापता था। मुरादनगर थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज थी। पुलिस ने हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह पता नहीं लग सकी है।
विसरा प्रिजर्व किया गया है। वह एक सपा नेता का रिश्तेदार था। शव मिलने की सूचना सेे गाजियाबाद-बागपत के पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया।
मुरादनगर निवासी आमिर मलिक के भाई वसीम मलिक ने बताया कि वे पिछले तीन दिन से आमिर को तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल रहा था।
मंगलवार सुबह उनके एक परिचित के व्हाट्स एप पर आमिर के शव की फोटो आई। इससे उन्होंने पहचान की। बाद में पता लगाया गया कि यह शव कब और कहां पर मिला है।
उसके बाद वे चांदीनगर थाना होते बागपत पोस्टमार्टम घर पर पहुंचे। वसीम ने बताया कि उसके पिता मीनू मलिक स्क्रैप व्यापारी हैं। उनका दिल्ली के वैलकम में कारोबार है।
उनका भाई आमिर मुरादनगर के दुहाई गांव में स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ता था। 28 मई को उसका रिजल्ट (सीबीएसई) आया था। उसके 78 प्रतिशत अंक आए थे।
30 मई को दोपहर करीब 12:30 बजे वह घर से कार में अपने टीचर को मिठाई देने के लिए निकला था। इसके बाद वापस नहीं लौटा था। उनके पिता मीनू मलिक ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो फोन बंद मिला।
30 मई को देर शाम कार मुरादनगर के काजमपुर गांव के पास खड़ी मिली थी। मंगलवार सुबह उन्हें बागपत में अज्ञात शव मिलने की जानकारी मिली तो वे यहां पहुंचे। इसके बाद उन्होंने शव की शिनाख्त की।
पुलिस पर लगाया लारवाही का आरोप
मोदीनगर। आमिर का शव मिलने के बाद स्क्रैप व्यापारी का गमजदा परिवार गुस्से में है। परिवार ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस मामला गंभीरता से लेती तो शायद आमिर जिंदा होता।
मंगलवार देर शाम आमिर का शव मुरादनगर लाया गया। गमगीन माहौल में शव सुपुर्दे खाक किया गया। छात्र की मैयत में विधायक वहाब चौधरी, एमएलसी आशु मलिक के भाई समेत हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
किसी से कोई विवाद नहीं
वसीम ने कहा वे तीन भाई और एक बहन हैं। आमिर भाइयों में सबसे छोटा था। उनकी किसी से रंजिश नहीं है।
परिवार का रोकर बुरा हाल
आमिर तीन भाइयों में सबसे छोटा था। लाश को देख मां शबनम, बहन रूबीना और दोनों भाई सलमान एवं वसीम का रो-रोकर बुरा हाल है।
लाडले बेटे आमिर की लाश देख पिता मीनू मलिक एवं दादा के आंसू भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।
सोने की चेन और बाली मिली
आमिर सोने की चेन और बाली पहनता था, जो उसके पास से पुलिस को मिले हैं, जिन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
फिरौती न मिलने पर तो नहीं हुई हत्या?
बागपत। मुरादनगर के छात्र आमिर मलिक की अपहरण के बाद हत्या कही फिरौती के लिए तो नहीं की गई है? यह इसलिए प्रतीत होता है कि क्योंकि पीड़ित परिवार किसी से रंजिश होने से इंकार कर रहा है।
आमिर के भाई वसीम का कहना है कि उनके पास किसी का फोन नहीं आया है। आमिर का किसने और किस उद्देश्य से अपहरण कर हत्या की है। इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उनकी किसी से कोई रंजिश भी नहीं है।
कहीं राहुल खट्टा तो नहीं पीछे
बागपत। पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे लोगों का कहना है कि मोस्ट वांटेड राहुल खट्टा ही क्षेत्र में ज्यादातर अपहरण करता है। बड़े लोग उसके निशाने पर रहते हैं। कहीं उसने ही आमिर की हत्या न कर दी हो।
पोते की लाश देख बिफरे दादा
पोते आमिर की लाश देख दादा बिफर पड़े। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार होने तक शव दफनाने से इनकार कर दिया। बाद में इलाके के मौअजिज लोगों के समझाने पर परिवार शांत हुआ और शव को दफनाया।
मुरादनगर मजदूर संघ के अध्यक्ष निजाम चौधरी ने तीन दिन में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
नहीं देख पाते आखिरी बार चेहरा
बागपत के चांदीनगर पुलिस को 31 मई की शाम आमिर की लाश मिल गई थी। नियमानुसार पुलिस तीन दिन तक अज्ञात शव को मोर्चरी में रखती है। इसके बाद उसका अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया जाता है।
मंगलवार को तीसरा दिन पूरा होने जा रहा था। यह समय रहते पहचान नहीं हो पाती तो परिजन आखिरी बार शव को भी नहीं देख पाते।